कवर्धा की ऐतिहासिक खप्पर यात्रा में हुए शामिल, श्रद्धालुओं के साथ गाए जसगीतरायपुर, नवरात्रि की महाअष्टमी के पावन अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के कवर्धा नगर स्थित मां दंतेश्वरी, मां परमेश्वरी और मां चंडी मंदिर में पहुंचकर पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। रात्रि में उन्होंने कवर्धा की ऐतिहासिक खप्पर यात्रा में शामिल होकर माता काली के दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया।
कवर्धा में महाअष्टमी की रात निकलने वाली खप्पर यात्रा की परंपरा सौ वर्षों से भी अधिक पुरानी मानी जाती है। मां दंतेश्वरी, मां चंडी और मां परमेश्वरी मंदिरों से जुड़ी यह धार्मिक परंपरा क्षेत्र की आस्था और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मान्यता है कि माता काली के स्वरूप में खप्पर धारण कर नगर भ्रमण करने की यह परंपरा नगर की सुख-शांति, सुरक्षा और जनकल्याण की कामना के साथ निभाई जाती है।
खप्पर यात्रा के दौरान माता के जयकारों और भक्ति गीतों से पूरा नगर भक्तिमय हो उठा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस अनूठी धार्मिक परंपरा के दर्शन के लिए पहुंचे। विजय शर्मा ने श्रद्धापूर्वक माता के दर्शन किए और इस प्राचीन परंपरा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ माता सेवा में भाग लिया और जसगीत गाकर मां भगवती की आराधना की।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कवर्धा सहित दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे युवाओं और श्रद्धालुओं से आत्मीय मुलाकात की। उन्होंने लोगों का हालचाल जाना और सभी को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। माता सेवा, जसगीत और जयकारों के बीच श्रद्धालुओं के साथ उन्होंने भक्ति के इस विशेष अवसर को साझा किया।
विजय शर्मा ने कहा कि कवर्धा की खप्पर यात्रा प्राचीन धार्मिक परंपराओं और लोक आस्था की अनमोल धरोहर है। पीढ़ियों से चली आ रही यह परंपरा आज भी लोगों को अपनी संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ रही है। उन्होंने महाअष्टमी के पावन अवसर पर माता के दर्शन करने और श्रद्धालुओं के साथ सेवा एवं आराधना में शामिल होने को सौभाग्य बताया।
उन्होंने मां भगवती से प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना की। कवर्धा की खप्पर यात्रा एक बार फिर श्रद्धा, परंपरा और सांस्कृतिक एकजुटता का प्रतीक बनी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शामिल होकर माता के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।