रायगढ़ जिले में आयोजित नेशनल लोक अदालत में बड़ी संख्या में मामलों का आपसी सहमति से समाधान किया गया। शनिवार को हुई लोक अदालत में कुल 12 लाख 7 हजार 255 प्रकरणों का निराकरण हुआ। लंबित मामलों के साथ प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का भी पक्षकारों की सहमति और राजीनामे के आधार पर समाधान किया गया।
लोक अदालत का सबसे भावनात्मक पहलू कुटुम्ब न्यायालय में देखने को मिला, जहां आपसी समझौते के बाद पांच परिवारों को दोबारा दाम्पत्य जीवन शुरू करने का अवसर मिला। विवाद खत्म होने के बाद परिवार फिर से साथ आए। इस दौरान उन्हें सुखद और बेहतर भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं।
लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश जितेंद्र जैन ने किया। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों से अधिक से अधिक मामलों का आपसी राजीनामे के जरिए समाधान कराने पर जोर दिया।
ऑनलाइन माध्यम से भी हुआ मामलों का निपटारा
नेशनल लोक अदालत में वर्चुअल माध्यम से भी पक्षकारों की उपस्थिति दर्ज कराई गई और सहमति के आधार पर मामलों का निराकरण किया गया। इससे दूर रहने वाले पक्षकारों के लिए न्यायिक प्रक्रिया और आसान हुई।
लोक अदालत में बैंक, फाइनेंस कंपनियों, विद्युत विभाग और बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ अधिवक्ता भी मौजूद रहे। पक्षकारों को मामलों के जल्द और आपसी सहमति से समाधान के लिए जरूरी सहयोग दिया गया।