रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका ने स्काउट्स एवं गाइड्स से जल, जंगल और पर्यावरण के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज की प्रमुख चुनौतियों में से एक है, जिसके लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। स्काउट्स एवं गाइड्स जल संचयन, पौधरोपण और वनों की रक्षा के माध्यम से समाज में जागरूकता बढ़ा सकते हैं। राज्यपाल गुरुवार को लोकभवन स्थित छत्तीसगढ़ मंडपम में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित राज्य पुरस्कार अलंकरण समारोह को संबोधित कर रहे थे।
समारोह में राज्यपाल ने प्रदेशभर से चयनित 1122 स्काउट्स, गाइड्स, रोवर्स और रेंजर्स को राज्य पुरस्कार प्रदान किए। इनमें 405 स्काउट्स, 528 गाइड्स, 64 रोवर्स और 125 रेंजर्स शामिल हैं। राज्यपाल ने पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि स्काउटिंग का आदर्श वाक्य ‘तैयार रहो’ जीवन में जिम्मेदारी निभाने और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि पुरस्कार मिलने के साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। सभी प्रतिभागियों को समाजसेवा में योगदान देकर दूसरों के लिए प्रेरणा बनना चाहिए।
राज्यपाल ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की सराहना करते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए ऐसी पहलों को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने बस्तर क्षेत्र से आए स्काउट्स एवं गाइड्स की उपस्थिति पर प्रसन्नता जताई और कहा कि नक्सलवाद के बाद क्षेत्र में शांति और विकास की दिशा में नए अवसर सामने आ रहे हैं। युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम, समय के सदुपयोग और दृढ़ संकल्प से ही जीवन में लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षा मंत्री एवं भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष गजेंद्र यादव ने की। उन्होंने कहा कि स्काउटिंग अनुशासन, सेवा और समर्पण के मूल्यों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा देती है। स्काउट्स एवं गाइड्स की वर्दी इन मूल्यों का प्रतीक है। राज्य पुरस्कार प्रतिभागियों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो उन्हें आगे भी समाजसेवा के कार्यों में सक्रिय रहने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने प्रदेश के युवाओं को राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त करने के लिए भी प्रोत्साहित किया।
समारोह में स्काउटिंग के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए विभिन्न प्रतिभागियों और पदाधिकारियों को सम्मानित किया गया। सर्वश्रेष्ठ स्काउटर के रूप में बालोद के योगेश्वर प्रसाद गांगुली, सर्वश्रेष्ठ गाइडर के रूप में महासमुंद की तनुजा बंजारे एवं लता वैष्णव और सर्वश्रेष्ठ रोवर के रूप में राजमणि बंजारे एवं चंद्रशेखर पंकज को सम्मान मिला। इसके अलावा सर्वश्रेष्ठ रेंजर, स्काउट और गाइड श्रेणियों में भी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। दीर्घकालीन सेवाओं के लिए शैलेंद्र मिश्रा, आनंद राम बघेल, पवन कुमार नायक, विनोद कुमार हथेल, शशि बंछोर और रजनी रेड्डी को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार राशि प्रदान की गई। समारोह के दौरान पीपिंग सेरेमनी भी आयोजित हुई, जिसमें लोकभवन में पदस्थ एडीसी उदित पुष्कर को रैंक बैज लगाया गया।
कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त इंदरजीत सिंह खालसा, राज्य सचिव अमित कुमार क्षत्रिय सहित संगठन के पदाधिकारी और अधिकारी उपस्थित रहे। समारोह के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, अनुशासन और समाजसेवा के प्रति युवाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया।