रायपुर : ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों के बीच छत्तीसगढ़ पुलिस ने साइबर जागरूकता अभियान को और तेज कर दिया है। इसी कड़ी में पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने ‘साइबर संकल्प’ नाम से तैयार किए गए 9 वीडियो मॉड्यूल वाले पाठ्यक्रम का शुभारंभ किया।

कार्यक्रम में रायपुर के अलग-अलग कॉलेजों और विश्वविद्यालय के 500 से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। उपमुख्यमंत्री ने छात्रों से सीधे संवाद करते हुए साइबर ठगी के नए तरीकों, डिजिटल सुरक्षा और ठगी होने पर तत्काल उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा की।

5-6 मिनट के वीडियो में समझेंगे साइबर सुरक्षा

‘साइबर संकल्प’ में कुल 9 वीडियो मॉड्यूल तैयार किए गए हैं। प्रत्येक वीडियो करीब 5 से 6 मिनट का है। इनमें फर्जी कॉल, लिंक, ओटीपी, ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया से जुड़ी धोखाधड़ी और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे साइबर अपराधों से बचने के व्यावहारिक तरीके आसान भाषा में बताए जाएंगे।

विजय शर्मा ने कहा कि डिजिटल तकनीक आज बैंकिंग, पढ़ाई, खरीदारी और सरकारी सेवाओं से लेकर रोजमर्रा के कई कामों का हिस्सा बन चुकी है। ऐसे में डिजिटल सुविधा के साथ सुरक्षा को लेकर जागरूक रहना भी जरूरी है।

ठगी होते ही 1930 पर करें कॉल

उपमुख्यमंत्री ने छात्रों से कहा कि ऑनलाइन ठगी का शिकार होने पर घबराने या इंतजार करने के बजाय तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करना चाहिए। साइबर अपराध में शुरुआती समय बेहद अहम होता है। समय पर सूचना मिलने पर पुलिस ठगी की रकम को रोकने और उसे वापस दिलाने की कार्रवाई कर सकती है।

उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे खुद साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें और अपने माता-पिता, बुजुर्गों, दोस्तों और आसपास के लोगों को भी साइबर ठगी के नए तरीकों के बारे में बताएं। उन्होंने साइबर जागरूकता को गांव-गांव तक पहुंचाने पर भी जोर दिया।

एक करोड़ से ज्यादा की ठगी, 60 लाख वापस

कार्यक्रम में साइबर ठगी के एक पीड़ित डॉ. सेन ने अपना अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधियों ने उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर एक करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी के जाल में फंसाया था।

उन्होंने समय रहते पुलिस से संपर्क किया। पुलिस को ‘गोल्डन ऑवर’ में जानकारी मिलने के कारण 60 लाख रुपए की राशि वापस हासिल की जा सकी। इस घटना ने छात्रों को यह समझाया कि साइबर फ्रॉड के बाद हर मिनट महत्वपूर्ण होता है।

छात्रों से साइबर जागरूकता के दूत बनने की अपील

विजय शर्मा ने विद्यार्थियों से कहा कि युवा डिजिटल तकनीक का सबसे ज्यादा इस्तेमाल करने वाले वर्गों में हैं। इसलिए वे साइबर सुरक्षा की जानकारी अपने परिवार और समाज तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।

उन्होंने खास तौर पर बुजुर्गों और माता-पिता को फर्जी कॉल, ओटीपी मांगने, संदिग्ध लिंक, बैंकिंग फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों से सावधान करने की अपील की।

साइबर क्राइम वालंटियर बनकर जुड़ने का मौका

कार्यक्रम में साइबर क्राइम वालंटियर पहल की भी जानकारी दी गई। केंद्रीय गृह मंत्रालय और इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) की इस पहल के जरिए आम नागरिक साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने में योगदान दे सकते हैं।

15 अगस्त से चल रहा साइबर जागृति अभियान

छत्तीसगढ़ पुलिस का ‘साइबर जागृति अभियान’ 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चल रहा है। इसके तहत प्रदेशभर में लोगों को साइबर अपराधों के अलग-अलग तरीकों, बचाव के उपायों और ठगी होने के तुरंत बाद की जाने वाली कार्रवाई के बारे में जागरूक किया जा रहा है।

कार्यक्रम में पुलिस और विश्वविद्यालय के अधिकारियों के साथ शिक्षक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।

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