ब्रेकिंग न्यूज़
मोर माटी सांस्कृतिक संगठन के कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री, बोले- तीजा रिश्तों और पोरा किसान व कृषि परंपरा से जुड़ा पर्व लोकधुनों और लोकनृत्यों से सजा ‘लोकरंग पर्व’, तीन दिवसीय आयोजन में दिख रही छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की विविध रंगत नक्सलवाद पर निर्णायक सफलता के बाद विकास को लेकर बोले मुख्यमंत्री, कहा- बस्तर के लोगों की इच्छा और हित सर्वोपरि छत्तीसगढ़ में UCC को लेकर बढ़ी हलचल, 8-9 सितंबर से दुर्ग संभाग में शुरू होगा जन-संवाद बहतराई स्टेडियम में गूंजा तीजा तिहार का उल्लास, बहनों संग मुख्यमंत्री साय ने मनाई तीज की खुशियां ‘नमस्ते’ योजना में छत्तीसगढ़ का बड़ा मुकाम, देश में संयुक्त रूप से पहले स्थान पर

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बस्तर के विकास का रोडमैप वहां की जनता की जरूरतों और आकांक्षाओं के अनुरूप ही तय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बस्तर के लोगों को किसी तरह के भ्रम में रहने की जरूरत नहीं है। सरकार कृषि, पर्यटन और पशुपालन जैसी स्थानीय संभावनाओं को बढ़ावा देकर रोजगार और आजीविका के नए अवसर तैयार कर रही है।

एक निजी समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में मुख्यमंत्री ने बस्तर के विकास, नक्सलवाद के खिलाफ अभियान और महिला सशक्तीकरण समेत कई मुद्दों पर सरकार की प्राथमिकताएं बताईं।

‘उद्योगों के लिए रास्ता बनाने के लिए नहीं हो रहा बस्तर का विकास’

बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही कार्रवाई और विकास को लेकर उठ रहे सवालों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक नक्सलवाद के कारण क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से पीछे रहा। अब जब क्षेत्र में शांति और विकास का माहौल बन रहा है, तब कुछ लोग यह धारणा फैलाने की कोशिश कर रहे हैं कि नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई का उद्देश्य बड़े उद्योगों के लिए रास्ता तैयार करना है।

मुख्यमंत्री ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि बस्तर का भविष्य वहां के लोगों की इच्छा के मुताबिक ही तय होगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य क्षेत्र की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संभावनाओं को आगे बढ़ाकर स्थानीय लोगों की जिंदगी में बेहतर बदलाव लाना है।

कृषि, पर्यटन और पशुपालन पर फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में कृषि को मजबूत करने के साथ पशुपालन और पर्यटन की संभावनाओं को भी विकसित किया जा रहा है। शांति का माहौल बनने के बाद दूरस्थ इलाकों तक विकास योजनाओं को पहुंचाने और स्थानीय युवाओं के लिए शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि विकास के साथ बस्तर की विशिष्ट पहचान और समृद्ध संस्कृति को संरक्षित रखना भी जरूरी है। सरकार की कोशिश है कि स्थानीय परंपराओं और संसाधनों को सहेजते हुए क्षेत्र को विकास की नई दिशा दी जाए।

‘बहनों का मुझे भैया कहना सबसे बड़ा सौभाग्य’

इंटरव्यू के दौरान जब मुख्यमंत्री से प्रदेश की महिलाओं द्वारा उन्हें ‘विष्णु भैया’ कहकर पुकारे जाने को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने इसे अपने लिए सौभाग्य बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की बहनें उन्हें परिवार के सदस्य की तरह स्नेह देती हैं और यही अपनापन उन्हें जनसेवा के लिए प्रेरित करता है।

उन्होंने कहा कि एक भाई के तौर पर प्रदेश की बहनों की सेवा, सुरक्षा और खुशहाली के लिए काम करना उनका संकल्प है। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ उनके सम्मान और सुरक्षा को लेकर भी सरकार लगातार प्रयास कर रही है।

‘जनता का विश्वास ही सबसे बड़ी ताकत’

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की नीतियों और फैसलों के केंद्र में छत्तीसगढ़ की जनता का हित है। बस्तर के विकास से लेकर महिला सशक्तीकरण तक सरकार का लक्ष्य ऐसा विकास मॉडल तैयार करना है, जिसमें स्थानीय लोगों की भागीदारी हो और विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

उन्होंने कहा कि बस्तर को लेकर सरकार का दृष्टिकोण स्पष्ट है—स्थानीय आकांक्षाओं का सम्मान, जनता की भागीदारी और क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप विकास।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *