रायपुर, छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले से निकलकर अमेरिका में अपनी पहचान बनाने वाले प्रवासी छत्तीसगढ़िया गणेश कुमार कर को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर स्नेह भरा पत्र लिखकर शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने विदेश में रहते हुए भी छत्तीसगढ़ की भाषा, संस्कृति, परंपरा और विरासत को सहेजने तथा प्रवासी छत्तीसगढ़ियों को एकजुट करने के उनके प्रयासों की सराहना की है।
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा कि दंतेवाड़ा से अमेरिका तक गणेश कुमार कर की यात्रा प्रेरणादायक है। विदेश में रहने के बावजूद अपनी जन्मभूमि और सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास प्रदेश के युवाओं को अपनी पहचान और विरासत पर गर्व करने की प्रेरणा देते हैं।
मुख्यमंत्री ने नॉर्थ अमेरिका छत्तीसगढ़ एसोसिएशन (NACHA) के माध्यम से प्रवासी छत्तीसगढ़ियों को एक मंच पर लाने के प्रयासों की भी प्रशंसा की। इसके साथ ही विदेशों में आयोजित स्वदेशी मेला के जरिए भारतीय उत्पादों, कला और संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की पहल को सराहनीय बताया।
गणेश कुमार कर की ‘उड़ान’ पहल की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा और छात्रवृत्ति के लिए किए जा रहे प्रयास सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि विदेशों में बसे छत्तीसगढ़ियों का अनुभव, ज्ञान और सहयोग विकसित भारत 2047 तथा विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
मुख्यमंत्री का पत्र मिलने पर गणेश कुमार कर ने सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश जारी कर आभार व्यक्त किया। उन्होंने वीडियो में मुख्यमंत्री का पत्र भी साझा किया। दंतेवाड़ा से अमेरिका तक का उनका सफर और विदेश में छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा तथा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयास प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणादायक हैं।