रायपुर, छत्तीसगढ़ में कृषक उन्नति योजना खरीफ-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन की तैयारियां तेज हो गई हैं। मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में किसानों को आदान सहायता (अनुदान) राशि देने की प्रक्रिया, पात्रता और जरूरी दिशा-निर्देशों पर चर्चा की गई। बैठक में योजना का लाभ पात्र किसानों तक पारदर्शी और सरल तरीके से पहुंचाने पर जोर दिया गया।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को धान खरीदी पोर्टल, एग्रीस्टैक और डिजिटल क्रॉप सर्वे के डेटाबेस को एकीकृत करने के निर्देश दिए। इससे किसानों को बार-बार दस्तावेज और जानकारी देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। साथ ही किसान आईडी, फार्म आईडी, गिरदावरी और डिजिटल क्रॉप सर्वे के आंकड़ों को जोड़कर किसानों की भूमि और फसल के रकबे का सही विवरण तैयार किया जाएगा।
योजना का लाभ लेने के लिए एग्रीस्टैक में पंजीयन अनिवार्य होगा। इसके साथ ही संबंधित भूमि पर डिजिटल क्रॉप सर्वे में धान की फसल दर्ज होना जरूरी है। धान खरीदी प्रक्रिया के तहत कम से कम एक सफल खरीदी का लेन-देन भी आवश्यक होगा। इसके लिए खाद्य विभाग के धान खरीदी पोर्टल के आंकड़ों का उपयोग किया जाएगा। किसानों को अपनी फार्म आईडी की पुष्टि और अनुदान के लिए आवेदन करने की सुविधा भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में पात्र किसानों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए धान खरीदी के दौरान टोकन जारी करते समय अनुदानित रकबे का सत्यापन करने को कहा गया। विशेष रूप से पिछले वर्ष धान नहीं बेचने वाले किसानों के मामलों में भौतिक सत्यापन अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा दलहन, तिलहन और मिलेट्स (कोदो, कुटकी एवं रागी) की खरीदी व्यवस्था और इनके उत्पादक किसानों को मिलने वाले प्रोत्साहन की जानकारी भी व्यापक रूप से प्रसारित की जाएगी।
मुख्य सचिव ने ग्रामीण क्षेत्रों में योजना की पात्रता, शर्तों और आवेदन प्रक्रिया का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया, ताकि किसानों को योजना का लाभ लेने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित वित्त, खाद्य, कृषि, सहकारिता और राजस्व विभाग के सचिव तथा अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।