रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित राज्योत्सव 2026 में प्रदेश की विभिन्न प्रतिभाओं और संस्थाओं को 36 श्रेणियों में प्रतिष्ठित राज्य अलंकरण से सम्मानित किया जाएगा। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने रायपुर के महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता में पुरस्कारों की घोषणा की।
राज्य अलंकरण के लिए कला, संस्कृति, साहित्य, पत्रकारिता, खेल, समाजसेवा, शिक्षा, कृषि, चिकित्सा और लोककलाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों का चयन किया गया है। आदिवासी सामाजिक चेतना के लिए शहीद वीरनारायण सिंह स्मृति सम्मान डुमन लाल ध्रुव को, महिला उत्थान के लिए मिनीमाता सम्मान लोक आस्था सेवा संस्थान की लता नेताम को तथा सामाजिक चेतना के लिए गुरु घासीदास सम्मान सुखचंद भास्कर को प्रदान किया जाएगा।
साहित्य एवं संस्कृति के क्षेत्र में हबीब तनवीर सम्मान पुरुषोत्तम चन्द्राकर, पंडित सुन्दरलाल शर्मा सम्मान बिहारीलाल साहू, चक्रधर सम्मान एम. श्रीराम मूर्ति और दाऊ मंदराजी सम्मान रेखा जलक्षत्री को मिलेगा। वहीं लक्ष्मण मस्तुरिया सम्मान साधना यादव, खुमान साव सम्मान चंद्रभूषण वर्मा तथा पंथी नृत्य पुरस्कार सी.एल. रात्रे को प्रदान किया जाएगा।
पत्रकारिता के क्षेत्र में प्रमोद कुमार साहू, वरुण सखाजी, रसिका पाण्डेय और शिशिर राय चौधरी को सम्मानित किया जाएगा। खेल के क्षेत्र में गुण्डाधूर सम्मान संजू देवी और महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव सम्मान टोमन कुमार को मिलेगा। कृषि के लिए पुन्नी दास भट्ट, आयुर्वेद चिकित्सा के लिए डॉ. दिनेश कुमार नाग और मत्स्य पालन के लिए प्रदीप कुमार सोनी का चयन किया गया है।
इसके अलावा सिनेमा के क्षेत्र में किशोर साहू सम्मान करन खान और किशोर साहू राष्ट्रीय अलंकरण मोहन सुंदरानी को दिया जाएगा। पंडवानी कला के लिए चेतन लाल देवांगन, महिला सशक्तिकरण के लिए बुलबुल बैद्या, संस्कृत भाषा के लिए डॉ. बहुरन सिंह पटेल तथा ग्रामीण पर्यटन के लिए सत्येन्द्र कुमार उपाध्याय को सम्मानित किया जाएगा। आदिवासी सेवा, श्रम, विधि और अन्य क्षेत्रों में भी प्रतिभाओं को राज्य अलंकरण प्रदान किया जाएगा।
मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि राज्य अलंकरण प्रदेश की प्रतिभाओं के समर्पण, परिश्रम और समाज के प्रति उनके योगदान का सम्मान है। ऐसे सम्मान नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जुड़े रहने और प्रदेश के विकास में बेहतर योगदान देने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने सभी चयनित प्रतिभाओं और संस्थाओं को बधाई देते हुए कहा कि राज्योत्सव प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और गौरवशाली विरासत को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर है।