रायपुर, छत्तीसगढ़ में अधोसंरचना विकास और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मूल्यांकन समिति की उच्चस्तरीय बैठक मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित की गई। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राज्य की विभिन्न महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के प्रस्तावों की समीक्षा की गई। बैठक में परियोजनाओं के पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया गया।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रमुख परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने से निवेशकों के लिए बेहतर वातावरण तैयार होगा और राज्य के विकास को गति मिलेगी। बैठक में नवा रायपुर में प्रस्तावित इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर की निविदा शर्तों और रियायत समझौते के संशोधित प्रावधानों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में बिलासपुर के ट्रांसपोर्ट नगर परियोजना की भी समीक्षा की गई। यहां लॉजिस्टिक्स और परिवहन सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए न्यूनतम विकास दायित्वों तथा प्री-बिड बैठक में प्राप्त सुझावों पर चर्चा हुई। परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन और अनुभवी डेवलपर्स की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी पात्रता मानदंडों से जुड़े पहलुओं पर भी विचार किया गया।
रायपुर के पंडरी क्षेत्र में कृषि उपज मंडी की भूमि पर प्रस्तावित जेम्स एंड ज्वैलरी पार्क के संबंध में भूमि आवंटन की शर्तों और प्रावधानों में एकरूपता लाने पर चर्चा की गई। इसके साथ ही परियोजना की विकास अवधि के समन्वय से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की गई, ताकि परियोजना के क्रियान्वयन में स्पष्टता बनी रहे।
भिलाई में कमर्शियल टॉवर और फ्लैटेड फैक्ट्री परियोजनाओं के संबंध में बताया गया कि इन्हें छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (CSIDC) द्वारा स्वयं विकसित किए जाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा धमतरी के औद्योगिक क्षेत्र छाती से संबंधित विषयों पर भी जानकारी प्रस्तुत की गई। इन परियोजनाओं के माध्यम से औद्योगिक विकास और निवेश को प्रोत्साहित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
बैठक में वित्त एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, सीएसआईडीसी के प्रबंध निदेशक विश्वेश कुमार सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। बैठक में विभिन्न परियोजनाओं के प्रस्तावों की समीक्षा के साथ उनके प्रभावी क्रियान्वयन और राज्य में निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार करने से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।