रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि किसानों की समृद्धि और उनकी आय में वृद्धि करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। खेती-किसानी को अधिक लाभकारी बनाने, किसानों को उपज का उचित मूल्य दिलाने और सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री मंगलवार को रायपुर के सिविल लाइंस स्थित सर्किट हाउस में श्रद्धेय मनहरण लाल पाण्डेय की जयंती के अवसर पर आयोजित ‘उत्कृष्ट कृषक रत्न सम्मान समारोह’ को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने प्रदेशभर से आए प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया और कृषि क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में धान खरीदी की शुरुआत 15 नवंबर से होगी। किसानों को सुविधा देने और खरीदी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए राज्य सरकार ने 360 नए धान खरीदी केंद्र खोलने का निर्णय लिया है। इससे किसानों को धान बेचने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी और खरीदी केंद्रों पर भीड़ का दबाव कम होगा। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि किसानों को अपनी उपज बेचने के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी कर ली जाएं।
सिंचाई परियोजनाओं के लिए 2,800 करोड़ रुपये स्वीकृत
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कृषि उत्पादन बढ़ाने और खेती को वर्षा पर निर्भरता से मुक्त करने के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार जरूरी है। पिछले दो वर्षों में प्रदेश में लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की नई सिंचाई परियोजनाएं शुरू की गई हैं। इसके अलावा, 1,500 पुरानी सिंचाई परियोजनाओं के जीर्णोद्धार के लिए करीब 2,800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर सिंचित रकबे में लगभग 76 हजार हेक्टेयर की वृद्धि होने की जानकारी दी गई। इंद्रावती नदी पर मटनार और देऊरगांव परियोजनाओं सहित अन्य सिंचाई योजनाओं पर भी काम किया जा रहा है।
आधुनिक तकनीक और कृषि नवाचार पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लगभग 80 प्रतिशत आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है। ऐसे में किसानों की खुशहाली से ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। उन्होंने प्रगतिशील किसानों की सराहना करते हुए कहा कि पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीक और नवाचार अपनाने से कृषि क्षेत्र में बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे किसानों को खेती के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त करने में सुविधा मिली है। मुख्यमंत्री ने कृषि अनुसंधान, जैविक खेती और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
मनहरण लाल पाण्डेय के योगदान को किया याद
समारोह में मुख्यमंत्री ने श्रद्धेय मनहरण लाल पाण्डेय को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके जनसेवा और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों को याद किया। उन्होंने कहा कि पाण्डेय का खेती-किसानी और सिंचाई सुविधाओं के विकास से गहरा जुड़ाव रहा। उनकी स्मृति में किसानों और समाजसेवियों को सम्मानित करने की पहल सराहनीय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रगतिशील किसानों का सम्मान कृषि क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहित करेगा और दूसरे किसानों को भी उन्नत कृषि पद्धतियां अपनाने की प्रेरणा देगा।
कार्यक्रम को वन मंत्री केदार कश्यप ने भी संबोधित किया। उन्होंने मनहरण लाल पाण्डेय के सामाजिक योगदान को याद करते हुए किसानों के कल्याण और कृषि विकास से जुड़े प्रयासों का उल्लेख किया। समारोह में कर्मवीर सिंह, अखिलेश सोनी, नवीन मार्कण्डेय, राम गर्ग, आलोक चंद्र ठाकुर, हर्षिता पाण्डेय, अनुराग पाण्डेय सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, स्मृति संस्थान के सदस्य और प्रदेशभर से आए किसान उपस्थित रहे।