जनजातीय मंत्री रामविचार नेताम ने टाउन हॉल में किया शुभारंभ, 2 नवंबर तक चलेगा आयोजनदेशभर के जनजातीय शिल्पकारों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री के लिए मिला मंच
रायपुर, जनजातीय कला, संस्कृति और पारंपरिक शिल्प को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजधानी रायपुर के टाउन हॉल में ‘आदि बाजार 2026’ का शुभारंभ किया गया। जनजातीय कार्य मंत्री रामविचार नेताम ने भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ (ट्रायफेड) द्वारा आयोजित इस बाजार का उद्घाटन किया। यह आयोजन 2 नवंबर तक चलेगा। इसमें देश के विभिन्न राज्यों से आए जनजातीय शिल्पकारों, कारीगरों और कलाकारों को अपने हस्तनिर्मित उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री के लिए मंच उपलब्ध कराया गया है।
पारंपरिक कला को मिलेगा व्यापक बाजार
शुभारंभ अवसर पर मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि जनजातीय समाज की कला, संस्कृति और पारंपरिक हुनर देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन कलाओं को संरक्षित करने के साथ ही कारीगरों को उनके उत्पादों के लिए उचित बाजार और वाजिब मूल्य दिलाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ‘आदि बाजार’ जैसे आयोजन जनजातीय शिल्पकारों के उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाने और उनके आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अलग-अलग राज्यों के कलाकारों को मिला साझा मंच
आदि बाजार में विभिन्न राज्यों के जनजातीय कलाकारों और शिल्पकारों को अपनी कला और उत्पादों को प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है। इससे ग्राहकों को पारंपरिक हस्तशिल्प और जनजातीय उत्पादों को करीब से देखने और खरीदने का मौका मिलेगा। साथ ही, अलग-अलग क्षेत्रों से आए कारीगर एक-दूसरे की कला, निर्माण तकनीक और पारंपरिक हुनर से परिचित हो सकेंगे। इस तरह आयोजन सांस्कृतिक आदान-प्रदान और जनजातीय समुदायों के बीच आपसी जुड़ाव को भी बढ़ावा देगा।
कारीगरों की आजीविका बढ़ाने पर जोर
मंत्री नेताम ने कहा कि जनजातीय कारीगरों के उत्पाद उनकी प्रतिभा, मेहनत और परंपराओं का प्रतिबिंब हैं। इन उत्पादों को बेहतर विपणन सुविधाएं और व्यापक बाजार उपलब्ध कराने से कारीगरों को अपनी मेहनत का उचित मूल्य मिल सकेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि आदि बाजार 2026 जनजातीय शिल्पकारों के उत्पादों की पहचान बढ़ाने के साथ उनकी आजीविका के नए अवसर विकसित करने में सहायक होगा।
उन्होंने आयोजन के लिए ट्रायफेड और संबंधित अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे प्रयास जनजातीय कला एवं संस्कृति के संरक्षण के साथ स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने और जनजातीय परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में योगदान देंगे।
कार्यक्रम में अपर प्रधान वन संरक्षक संगीता गुप्ता, ट्रायफेड के क्षेत्रीय प्रबंधक संदीप शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनजातीय कलाकार, शिल्पकार और कारीगर उपस्थित रहे।