रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शारदीय नवरात्रि के अवसर पर रायपुर में आयोजित विभिन्न गरबा महोत्सवों और दुर्गा पूजा कार्यक्रमों में शामिल हुए। उन्होंने दुर्गा पूजा पंडालों में मां दुर्गा के दर्शन और पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री माना बाजार सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति और सार्वजनिक श्री श्री दुर्गा पूजा समिति के पंडालों में पहुंचे। इसके बाद उन्होंने हुकुम ललित महल में आयोजित रास गरबा विथ भजन डांडिया, रामबाग के रास गरबा, पचपेड़ी नाका स्थित राम मंगलम लॉन में ‘सोरठी रंग रंगीलो’ उत्सव और शंकर नगर के बीटीआई मैदान में आयोजित ‘संकल्प गरबा’ में सहभागिता की। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरबा महोत्सव हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, सामाजिक एकता और मातृशक्ति के सम्मान का प्रतीक है। गुजरात की सांस्कृतिक परंपरा से निकला गरबा आज पूरे देश में लोकप्रिय है और विभिन्न समाजों को एक सूत्र में जोड़ने का माध्यम बन गया है। उन्होंने कहा कि नवरात्रि केवल मां दुर्गा की आराधना का पर्व नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, उनकी गरिमा और समाज निर्माण में उनके योगदान को याद करने का अवसर भी है। सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता दे रही है। महतारी वंदन योजना से 68 लाख महिलाओं को मिल रही सहायता मुख्यमंत्री ने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की लगभग 68 लाख माताओं-बहनों के बैंक खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि सीधे अंतरित की जा रही है। इससे महिलाएं घरेलू जरूरतों, बच्चों की शिक्षा और परिवार से जुड़े खर्चों के संबंध में आर्थिक निर्णय लेने में सक्षम हो रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की लगभग 14 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्व-सहायता समूहों और आजीविका गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। देवी शक्तिपीठों के विकास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर जोर विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ मां कौशल्या की धरती होने के साथ मां दंतेश्वरी, मां बम्लेश्वरी, मां महामाया और मां चंद्रहासिनी की आस्था का प्रमुख केंद्र है। नवरात्रि के दौरान दंतेवाड़ा, डोंगरगढ़, रतनपुर और चंद्रपुर सहित प्रदेश के प्रमुख देवी स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण के लिए भी प्रतिबद्ध है। प्रमुख देवी शक्तिपीठों और धार्मिक स्थलों पर सुविधाओं के विस्तार से श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। बस्तर में शांति और विकास के नए दौर का उल्लेख कार्यक्रमों में कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने भी प्रदेशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई और सरकार के प्रयासों से बस्तर में शांति एवं विकास की दिशा में बदलाव देखने को मिल रहा है। उन्होंने बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण को भी महत्वपूर्ण बताया। विभिन्न गरबा आयोजनों में प्रतिभागियों ने पारंपरिक परिधानों में गरबा और डांडिया की प्रस्तुतियां दीं। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खुशवंत साहेब, विधायक मोतीलाल साहू, छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, आयोजन समितियों के सदस्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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