दुर्ग में भिलाई स्टील प्लांट और बस्तर में NMDC बने उद्योग भागीदार
रायपुर, छत्तीसगढ़ में युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए प्रदेश के 30 शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) का उन्नयन किया जाएगा। प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई (PM-SETU) योजना के तहत छह क्लस्टरों में लगभग 1,446 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। योजना के माध्यम से प्रशिक्षण व्यवस्था को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में मंत्रालय महानदी भवन में दुर्ग और बस्तर क्लस्टर के लिए भिलाई स्टील प्लांट (BSP) तथा NMDC लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इन औद्योगिक संस्थानों की भागीदारी से ITI में आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण, व्यावहारिक अनुभव और रोजगारपरक कौशल विकास को बढ़ावा देने की योजना है।
छह हब और 24 स्पोक ITI का होगा उन्नयन
योजना के तहत दुर्ग, कोरबा, सरगुजा, बस्तर, रायगढ़ और रायपुर में छह क्लस्टर बनाए जाएंगे। इनमें छह हब ITI और 24 स्पोक ITI शामिल होंगे। पांच वर्षों में प्रत्येक क्लस्टर के लिए लगभग 241 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव है। इसमें हब ITI के लिए 81 करोड़ रुपये और प्रत्येक स्पोक ITI के लिए 40 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
योजना में केंद्र सरकार, राज्य सरकार और उद्योग भागीदार की वित्तीय हिस्सेदारी क्रमशः 50 प्रतिशत, 33 प्रतिशत और 17 प्रतिशत होगी। प्रस्तावित उन्नयन के अंतर्गत आधुनिक मशीनें, उपकरण, प्रयोगशालाएं और तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराने के साथ प्रशिक्षण की गुणवत्ता बेहतर बनाने पर जोर रहेगा।
दुर्ग और बस्तर में उद्योगों की सीधी भागीदारी
दुर्ग क्लस्टर में शासकीय ITI दुर्ग को हब संस्थान बनाया जाएगा। वहीं ITI भिलाई, महिला ITI भिलाई, राजनांदगांव और डौंडीलोहारा स्पोक संस्थानों के रूप में शामिल होंगे। यहां भिलाई स्टील प्लांट एंकर इंडस्ट्री पार्टनर की भूमिका निभाएगा। उसके औद्योगिक अनुभव का उपयोग प्रशिक्षण को वास्तविक कार्यक्षेत्र की जरूरतों से जोड़ने में किया जाएगा।
बस्तर क्लस्टर में शासकीय ITI बस्तर हब संस्थान होगा, जबकि जगदलपुर, गीदम, कोंडागांव और नारायणपुर के ITI स्पोक संस्थानों के रूप में शामिल किए गए हैं। यहां NMDC लिमिटेड उद्योग भागीदार होगा। इससे बस्तर सहित दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराने और रोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में काम किया जाएगा।
अन्य क्लस्टरों में भी चयन की प्रक्रिया जारी
सरगुजा क्लस्टर के लिए साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने उद्योग भागीदार बनने पर सहमति दी है। यहां टाटा IIS का चयन ऑपरेटिंग पार्टनर के रूप में किया गया है, जबकि समझौते की प्रक्रिया जारी है। कोरबा क्लस्टर में NTPC कोरबा ने भागीदारी की सहमति दी है और ऑपरेटिंग पार्टनर के चयन की प्रक्रिया चल रही है।
रायपुर और रायगढ़ क्लस्टरों के लिए उद्योग भागीदारों के चयन की प्रक्रिया भी जारी है। रायपुर के लिए निविदा से जुड़े प्रश्नों का निराकरण किया जा चुका है, जबकि रायगढ़ क्लस्टर के लिए NTPC लारा से प्रारंभिक चर्चा की जा रही है।
उद्योगों की जरूरतों के अनुसार तैयार होंगे युवा
हब-स्पोक मॉडल के तहत हब ITI को आधुनिक प्रशिक्षण और तकनीकी संसाधनों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उनसे जुड़े स्पोक संस्थान भी इन सुविधाओं और विशेषज्ञता का लाभ उठा सकेंगे। उद्योगों की सहभागिता से पाठ्यक्रमों को बदलती तकनीक के अनुरूप बनाने, प्रशिक्षकों के कौशल उन्नयन और विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित करना सरकार की प्राथमिकता है। वहीं रोजगार, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने योजना को युवाओं के कौशल उन्नयन और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव बसव राजू, संचालक हेमंत नंदनवार, NMDC के कार्यपालक निदेशक संजीव साही, सेल के पवन कुमार सहित संबंधित विभागों और औद्योगिक संस्थानों के अधिकारी उपस्थित रहे।