मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण समारोह में प्राचार्यों और प्रधान पाठकों को भी मिला सम्मान
रायपुर, छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में शिक्षकों की भूमिका अहम है। उनके समर्पण, मेहनत और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता से विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के साथ संस्कार भी मिल रहे हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने यह बात दुर्ग जिले के खालसा पब्लिक स्कूल में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह 2026 में कही। कार्यक्रम में दुर्ग और बेमेतरा जिले के उत्कृष्ट शिक्षकों, प्राचार्यों और प्रधान पाठकों को मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण के अंतर्गत सम्मानित किया गया।
उत्कृष्ट शिक्षकों को मिला सम्मान
समारोह में शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों को बधाई देते हुए उनके कार्यों की सराहना की। इस अवसर पर शिक्षा श्री, शिक्षा दूत, ज्ञानदीप, उत्कृष्ट प्राचार्य और उत्कृष्ट प्रधान पाठक श्रेणियों में सम्मान प्रदान किए गए।
मंत्री यादव ने कहा कि शिक्षकों की मेहनत और प्रतिबद्धता विद्यार्थियों के जीवन में ज्ञान और संस्कार का संचार करती है। उनके प्रयासों से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था लगातार सशक्त हो रही है। उन्होंने सम्मानित सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में भी इसी समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया।
विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में शिक्षकों की अहम भूमिका
शिक्षा मंत्री ने कहा कि बच्चों को शिक्षित, योग्य और संस्कारवान नागरिक बनाने में शिक्षकों का योगदान महत्वपूर्ण है। शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन में आगे बढ़ने और बेहतर भविष्य बनाने की दिशा भी दिखाते हैं।
उन्होंने कहा कि सम्मानित शिक्षकों का कार्य अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणादायक है। ऐसे समारोह शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के साथ बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने पर जोर
शिक्षक सम्मान समारोह का उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों को पहचान और प्रोत्साहन देना है। शिक्षकों के समर्पण और राज्य सरकार के प्रयासों से विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
कार्यक्रम में संभाग आयुक्त एन.के. राठौड़ सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।