रायपुर, छत्तीसगढ़ में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने और नशा मुक्ति अभियान को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार व्यापक कार्ययोजना तैयार करेगी। इस संबंध में मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समन्वय एनकोर्ड समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने, नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई की समीक्षा करने और जागरूकता अभियान को प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई।
मुख्य सचिव ने ‘नशा मुक्त भारत’ अभियान के तहत विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने और राज्य एवं जिला स्तर पर नशा नियंत्रण के लिए विस्तृत रोडमैप बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एनकोर्ड समिति की बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाएं और उनमें लिए गए निर्णयों के क्रियान्वयन की समीक्षा परिणामों के आधार पर की जाए। मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए राज्य की सीमाओं पर पुलिस और आबकारी विभाग को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए गए।
मानस पोर्टल की शिकायतों और विशेष अभियानों की समीक्षा
बैठक में मानस पोर्टल के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही 16 अगस्त से 25 सितंबर 2026 के बीच चलाए गए विशेष अभियानों की प्रगति का भी जायजा लिया गया। अधिकारियों को नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में प्रभावी कार्रवाई करने और संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने पर जोर दिया गया।
स्कूल-कॉलेजों में चलेंगे जागरूकता अभियान
बैठक में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की गतिविधियों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि स्कूलों और कॉलेजों में नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं तथा मादक पदार्थों से जुड़े अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। सभी स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को निर्धारित एक्शन प्लान के तहत विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में गृह विभाग की सचिव नेहा चम्पावत ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से एनकोर्ड से संबंधित विस्तृत जानकारी साझा की। इस दौरान पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह और स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में उच्च शिक्षा, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, पुलिस मुख्यालय, वन, समाज कल्याण, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), डाक विभाग और एड्स नियंत्रण समिति के अधिकारियों के साथ सभी संभागायुक्त तथा विभिन्न जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक भी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने, युवाओं को नशे से दूर रखने और राज्य में नशा मुक्ति के प्रयासों को समन्वित रूप से आगे बढ़ाना रहा।