चित्रकोट से सिरपुर तक पर्यटन स्थलों का प्रचार, टूर ऑपरेटरों को छत्तीसगढ़ आने का न्योता

रायपुर, छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने और दूसरे राज्यों के साथ पर्यटन सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट में भागीदारी की। 7 से 10 अक्टूबर तक आयोजित इस आयोजन में राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहरों, जनजातीय संस्कृति और पर्यटन की संभावनाओं को देशभर से आए टूर ऑपरेटरों और पर्यटन क्षेत्र के प्रतिनिधियों के सामने प्रस्तुत किया गया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में राज्य में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और पर्यटन के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। ट्रैवल मार्ट में छत्तीसगढ़ की भागीदारी को इसी दिशा में एक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

विभिन्न राज्यों के पर्यटन अधिकारियों से हुई चर्चा

आयोजन में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा और प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे उपस्थित रहे। इस दौरान चौबे ने मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग के सचिव इलैयाराजा सहित मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों के पर्यटन अधिकारियों से मुलाकात की।

बैठकों में पर्यटन स्थलों के संयुक्त प्रचार-प्रसार, टूर ऑपरेटरों के बीच समन्वय और अंतरराज्यीय पर्यटन को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। विभिन्न राज्यों के पर्यटन स्थलों को जोड़कर संयुक्त पर्यटन सर्किट और बहुराज्यीय यात्रा पैकेज विकसित करने के अवसरों पर भी विचार किया गया।

चित्रकोट, सिरपुर और मैनपाट की विशेषताओं का प्रदर्शन

ट्रैवल मार्ट में छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों को सामने रखने का अवसर मिला। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, सिरपुर की ऐतिहासिक धरोहरें, भोरमदेव मंदिर और मैनपाट जैसे स्थल राज्य की पर्यटन विविधता को दर्शाते हैं।

प्राकृतिक सौंदर्य के साथ बस्तर की जनजातीय संस्कृति, पारंपरिक लोककलाएं, हस्तशिल्प और स्थानीय जीवनशैली भी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। राज्य में इको-टूरिज्म, धार्मिक पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन, सांस्कृतिक पर्यटन और एडवेंचर टूरिज्म के विकास की संभावनाएं हैं।

टूर ऑपरेटरों को छत्तीसगढ़ भ्रमण का न्योता

छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे ने दूसरे राज्यों के पर्यटन अधिकारियों और पर्यटन कारोबार से जुड़े प्रतिनिधियों को छत्तीसगढ़ आने का आमंत्रण दिया। इसका उद्देश्य उन्हें राज्य के प्राकृतिक स्थलों, ऐतिहासिक विरासत, जनजातीय परंपराओं और वन्यजीव पर्यटन की संभावनाओं से परिचित कराना है।

पर्यटन स्थलों का प्रत्यक्ष अनुभव मिलने से टूर ऑपरेटरों को अपने यात्रा पैकेज में छत्तीसगढ़ के गंतव्यों को शामिल करने के अवसर मिल सकते हैं। इससे कम चर्चित पर्यटन स्थलों को भी व्यापक पहचान दिलाने में मदद मिल सकती है।

संयुक्त पर्यटन सर्किट से बढ़ सकती है पर्यटकों की आवाजाही

मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों के साथ बेहतर समन्वय से धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों को जोड़ने वाले पर्यटन सर्किट विकसित करने की संभावनाएं हैं। ऐसे पैकेज पर्यटकों को एक ही यात्रा में अलग-अलग राज्यों की विशेषताओं का अनुभव देने के साथ छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों तक पहुंच बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।

पर्यटन से रोजगार और स्थानीय कारोबार को मिलेगा प्रोत्साहन

पर्यटन गतिविधियों का विस्तार स्थानीय युवाओं, गाइडों, होटल और होमस्टे संचालकों, परिवहन व्यवसायियों तथा हस्तशिल्पियों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा कर सकता है। ग्रामीण एवं जनजातीय पर्यटन को बढ़ावा मिलने से स्थानीय खानपान, कला, शिल्प और सांस्कृतिक परंपराओं को भी प्रोत्साहन मिल सकता है।

छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड राष्ट्रीय पर्यटन आयोजनों, ट्रैवल मार्ट और रोड शो के माध्यम से राज्य के पर्यटन स्थलों का प्रचार-प्रसार कर रहा है। मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट में भागीदारी से विभिन्न राज्यों के पर्यटन क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ संपर्क बढ़ाने और भविष्य में सहयोग की संभावनाएं तलाशने का अवसर मिला।

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