रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका ने बिलासपुर के सरकंडा स्थित खेल परिसर में 26वीं राज्य स्तरीय सब-जूनियर एवं कैडेट जूडो चैंपियनशिप-2026 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जूडो केवल खेल नहीं, बल्कि साहस, आत्मसंयम, अनुशासन और आत्मविश्वास विकसित करने का माध्यम है। विशेष रूप से बालिकाओं के लिए यह आत्मरक्षा और मानसिक मजबूती का महत्वपूर्ण साधन है। प्रतियोगिता में प्रदेश के 16 जिलों से 240 खिलाड़ी और प्रशिक्षक भाग ले रहे हैं।
राज्यपाल ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल हमें प्रतिद्वंद्वी का सम्मान करना, जीत में विनम्र रहना और हार से सीख लेकर आगे बढ़ना सिखाते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से निरंतर मेहनत करने और बड़े लक्ष्य निर्धारित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने वाले खिलाड़ी भविष्य में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं, एशियाई खेलों और ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं।
जूडो खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना
राज्यपाल ने कोंडागांव की जूडो खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए योगिता मंडावी, हेमवती नाग और रंजीता कोरेटी के प्रदर्शन की सराहना की। योगिता मंडावी को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, जबकि हेमवती नाग ने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक हासिल किए हैं। रंजीता कोरेटी ने ताइवान में आयोजित एशियन कैडेट जूडो चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।
समारोह में राज्यपाल ने जूडो में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए हेमवती नाग, अभिषेक जायसवाल, शारदा गोस्वामी और योगिता मंडावी को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण, खेल सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने छत्तीसगढ़ प्रदेश जूडो संघ से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के प्रयास जारी रखने की अपेक्षा की।
प्रतियोगिता का आयोजन छत्तीसगढ़ प्रदेश जूडो संघ के तत्वावधान में बिलासपुर जिला जूडो संघ द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम में बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल, जूडो संघ के अध्यक्ष अरुण द्विवेदी, महासचिव शम्भू सोनी, जिला जूडो संघ के अध्यक्ष शैलेन्द्र शुक्ला सहित खेल संघ के पदाधिकारी, प्रशिक्षक और बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित रहे।