रायपुर, छत्तीसगढ़ में पीएम स्वनिधि योजना के तहत स्ट्रीट वेंडर्स को ऋण दिलाने और उन्हें डिजिटल लेन-देन से जोड़ने की प्रक्रिया तेज की जाएगी। राज्य सरकार ने भारत सरकार से मिले लक्ष्यों को निर्धारित समय-सीमा से दो साल पहले पूरा करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए सभी नगरीय निकायों को विशेष एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में बुधवार को पीएम स्वनिधि की राज्य स्तरीय निगरानी समिति की बैठक हुई। बैठक में उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र पथ विक्रेता योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने नगरीय निकायों और बैंकों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर लंबित ऋण प्रकरणों का तेजी से निराकरण करने के निर्देश दिए।
लंबित आवेदनों पर फोकस
बैठक में पीएम स्वनिधि के प्रथम, द्वितीय और तृतीय चरण के ऋण वितरण की निकायवार और बैंकवार समीक्षा की गई। लंबित आवेदनों को जल्द निपटाने के लिए राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। निकायों से कहा गया है कि पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें योजना से जोड़ने के लिए अभियान चलाएं।
QR कोड और UPI से डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा
स्ट्रीट वेंडर्स को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने पर भी बैठक में जोर दिया गया। क्यूआर कोड वितरण, यूपीआई के जरिए डिजिटल भुगतान और इसके लिए मिलने वाले कैशबैक प्रोत्साहन की समीक्षा की गई। अधिकारियों को ज्यादा से ज्यादा पथ विक्रेताओं को डिजिटल लेन-देन से जोड़ने के निर्देश दिए गए।
पथ विक्रेताओं और बैंकर्स के साथ होंगे संवाद
प्रमुख सचिव ने नगरीय निकायों में पथ विक्रेताओं के साथ नियमित संवाद कार्यक्रम और जिला स्तर पर बैंकर्स कार्यशालाएं आयोजित करने को कहा। इन कार्यक्रमों के जरिए स्ट्रीट वेंडर्स को योजना, ऋण प्रक्रिया और डिजिटल भुगतान की जानकारी दी जाएगी। साथ ही बैंकों के साथ समन्वय कर लंबित मामलों को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।
बैठक में योजना को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए राज्य और निकाय स्तर पर मानव संसाधन की नियुक्ति को मंजूरी दी गई। क्रेडिट कार्ड योजना, स्वच्छ एवं हाइजीनिक स्ट्रीट फूड हब और ऋण अदायगी की स्थिति की भी समीक्षा की गई। बेहतर प्रदर्शन करने वाले बैंकों और बैंक शाखाओं को सम्मानित करने का निर्णय भी लिया गया।