रायपुर, जल जीवन मिशन के तहत ‘हर घर जल’ रिपोर्टेड उन गांवों में 2 अक्टूबर, गांधी जयंती के अवसर पर ‘जल अर्पण’ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जहां पेयजल योजनाओं का काम पूरा हो चुका है और 15 दिनों का सफल ट्रायल रन भी पूरा हो गया है। इन कार्यक्रमों के दौरान तैयार पेयजल योजनाओं को संचालन और रखरखाव के लिए संबंधित ग्राम पंचायतों और समुदाय को सौंपा जाएगा।
जल जीवन मिशन के संचालक ने इस संबंध में सभी कलेक्टरों को परिपत्र जारी कर आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे गांव जहां पेयजल आपूर्ति योजनाओं का काम शत-प्रतिशत पूरा हो चुका है, लेकिन अभी तक ‘हर घर जल’ प्रमाणीकरण और योजना का पंचायत एवं समुदाय को हस्तांतरण नहीं हुआ है, वहां 15 दिनों का सफल ट्रायल रन पूरा कराने के बाद प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
निर्देशों के मुताबिक 2 अक्टूबर को ग्राम पंचायतों में होने वाली विशेष ग्राम सभा के दौरान अधिक से अधिक पात्र ‘हर घर जल’ रिपोर्टेड गांवों में ‘जल अर्पण’ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए योजनाओं के हस्तांतरण से पहले निर्धारित हैंडओवर प्रोटोकॉल के तहत जरूरी मापदंडों का सत्यापन और दस्तावेजीकरण पूरा करने को कहा गया है।
योजना हस्तांतरण के दौरान ग्राम पंचायतों को योजना के संचालन और रखरखाव से जुड़े जरूरी दस्तावेज भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इनमें पूर्णता प्रमाण-पत्र, ओएंडएम मैनुअल, एज-बिल्ट ड्राइंग्स, जल गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट और प्रिवेन्टिव मेन्टेनेंस शेड्यूल सहित अन्य आवश्यक रिकॉर्ड शामिल हैं।
जल जीवन मिशन ने ‘जल अर्पण’ कार्यक्रम और ‘हर घर जल’ प्रमाणीकरण से जुड़ी प्रगति को जल जीवन मिशन के आईएमआईएस पोर्टल के ‘जल अर्पण डिजिटल मॉड्यूल’ पर दर्ज करने के भी निर्देश दिए हैं। कलेक्टरों को कार्यक्रम के आयोजन के एक सप्ताह के भीतर संबंधित सभी आंकड़े, रिपोर्ट और दस्तावेज पोर्टल पर अपडेट करने होंगे।