रायपुर, नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के लिए 182 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने सम्मेलन में प्रदेश की कृषि योजनाओं और किसानों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। दो दिवसीय सम्मेलन में देशभर के कृषि मंत्री, कृषि वैज्ञानिक, विशेषज्ञ और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
28 और 29 सितंबर को हुए सम्मेलन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और कृषि राज्यमंत्री की मौजूदगी में आगामी रबी सीजन की तैयारियों और कृषि क्षेत्र की कार्ययोजना पर चर्चा हुई। छत्तीसगढ़ की ओर से मंत्री नेताम ने प्रदेश में कृषि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और किसानों को ज्यादा से ज्यादा लाभ पहुंचाने से जुड़े विषय रखे।
छत्तीसगढ़ के लिए जारी हुए 182 करोड़
सम्मेलन के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ के लिए 182 करोड़ रुपये के आवंटन का पत्र कृषि मंत्री रामविचार नेताम को सौंपा। नेताम ने कहा कि यह राशि प्रदेश में कृषि विकास से जुड़े कार्यों को गति देने में उपयोगी होगी।
उन्होंने कहा कि सहायता राशि से कृषि की लागत कम करने, उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में बढ़ोतरी के लिए किए जा रहे प्रयासों को मजबूती मिलेगी। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से मिले सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार जताया।
दलहन-तिलहन का रकबा बढ़ाने पर जोर
कृषि मंत्री ने कहा कि राशि का उपयोग प्रदेश में चलाए जा रहे ‘विकसित संकल्प अभियान’ को मजबूत करने के साथ किसानों को बेहतर उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने में किया जाएगा। इसके अलावा ‘खेत बचाओ अभियान’ के जरिए भी किसानों को जागरूक करने की योजना है।
उन्होंने दलहन और तिलहन का रकबा बढ़ाने, कृषि उत्पादन में वृद्धि और किसानों को बेहतर उपज दिलाने पर जोर दिया। मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य की कृषि योजनाओं के बेहतर समन्वय से किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
नई तकनीक और कम लागत पर फोकस
मंत्री नेताम ने कहा कि कृषि क्षेत्र में नई तकनीक को बढ़ावा देने, खेती की लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। केंद्र से मिली सहायता से प्रदेश में कृषि विकास से जुड़े प्रयासों को और गति मिलेगी और किसानों को इसका लाभ पहुंचाने पर जोर रहेगा।