राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत छत्तीसगढ़ में लागू एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (ABC) और डिजीलॉकर एकीकरण योजना ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों के लिए नई संभावनाएं खोली हैं। केंद्र सरकार और राज्य के उच्च शिक्षा विभाग के समन्वय से शुरू हुई यह व्यवस्था सत्र 2023-24 से लागू है। वर्ष 2026 तक इसका विस्तार राज्य के 33 जिलों में हो चुका है और 6.5 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को इसका लाभ मिल रहा है।

यह डिजिटल पहल विद्यार्थियों को प्रमाणपत्रों की सुरक्षा, पढ़ाई में लचीलापन और उच्च शिक्षा के दौरान क्रेडिट सुरक्षित रखने की सुविधा दे रही है। सुदूर वनांचल से लेकर शहरी क्षेत्रों तक यह व्यवस्था ‘सेवा आपके द्वार’ और सुशासन की अवधारणा को मजबूत कर रही है।

डिजीलॉकर में सुरक्षित रहेंगे डिग्री और अंकसूची

नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी से जुड़े विश्वविद्यालयों के माध्यम से विद्यार्थियों की डिग्री और अंकसूचियां अब डिजीलॉकर में सुरक्षित की जा रही हैं। इससे प्रमाणपत्रों के गुम होने, खराब होने या बार-बार दस्तावेज निकलवाने की परेशानी कम हुई है।

डिजिटल रूप से उपलब्ध ये शैक्षणिक दस्तावेज मान्य हैं। नौकरी, उच्च शिक्षा में प्रवेश या अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं के दौरान विद्यार्थियों को प्रमाणपत्रों के लिए बार-बार विश्वविद्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ती। इससे समय और संसाधनों की बचत हो रही है।

पढ़ाई बीच में छूटने पर भी क्रेडिट रहेंगे सुरक्षित

एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट योजना विद्यार्थियों को मल्टीपल एंट्री और एग्जिट की सुविधा देती है। इसके तहत किसी विद्यार्थी की पढ़ाई पारिवारिक, आर्थिक या अन्य कारणों से बीच में छूट जाती है, तो उसके द्वारा अर्जित अकादमिक क्रेडिट ABC ID में सुरक्षित रहते हैं।

उदाहरण के तौर पर, यदि बस्तर का कोई विद्यार्थी दो वर्ष की पढ़ाई के बाद कॉलेज छोड़ देता है, तो वह भविष्य में अपनी परिस्थितियां अनुकूल होने पर रायपुर, बिलासपुर या देश के किसी अन्य विश्वविद्यालय में उपलब्ध नियमों के अनुसार आगे की पढ़ाई जारी रख सकता है। इस व्यवस्था से पहले की पढ़ाई और अर्जित क्रेडिट बेकार नहीं जाते।

33 जिलों के कॉलेज योजना से जुड़े

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय की तकनीकी व वित्तीय सहायता से राज्य में इस डिजिटल व्यवस्था का विस्तार किया गया है। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर और शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर सहित राज्य के शासकीय और निजी महाविद्यालय इस पहल से जुड़ चुके हैं।

सुकमा और बीजापुर जैसे सुदूर क्षेत्रों से लेकर सरगुजा तक के विद्यार्थियों को क्रेडिट ट्रांसफर और डिजिटल शैक्षणिक दस्तावेजों की सुविधा मिल रही है। इससे विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के अवसर अधिक लचीले और सुगम हुए हैं।

ABC और डिजीलॉकर का यह एकीकरण छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था को डिजिटल, सुरक्षित और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। यह पहल विद्यार्थियों की पढ़ाई को निरंतरता देने के साथ उनके भविष्य को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने में मदद कर रही है।

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