ब्रेकिंग न्यूज़
वसुंधरा परियोजना: छत्तीसगढ़ में राजस्व अभिलेखों का होगा डिजिटलीकरण राज्य निर्वाचन आयुक्तों की स्थायी समिति की बैठक: नवा रायपुर में स्थानीय निकाय चुनावों को तकनीक-सक्षम बनाने पर मंथन राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की श्रमिक हित में तीन बड़ी घोषणाएं ई-ऑफिस और समयबद्ध उपस्थिति में उत्कृष्ट प्रदर्शन: मुख्य सचिव ने अधिकारियों और कर्मचारियों को किया सम्मानित आधार प्रमाणीकरण एवं सत्यापन: छत्तीसगढ़ में सुशासन और डिजिटल सेवाओं को मिल रही मजबूती सेवा संकल्प अभियान: पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने GPM के ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर जानी हितग्राहियों की सफलता की कहानियां

रायपुर, छत्तीसगढ़ में नागरिक सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और त्वरित बनाने के लिए ‘वसुंधरा परियोजना’ के तहत बड़े पैमाने पर कार्य शुरू हो गया है। इसके अंतर्गत जिला एवं तहसील स्तर के राजस्व रिकॉर्ड रूम का आधुनिकीकरण और राजस्व अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया जाएगा। इस संबंध में आज मंत्रालय महानदी भवन में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

मुख्य सचिव विकासशील ने बैठक के दौरान नामांतरण और अन्य राजस्व प्रक्रियाओं में स्पष्टता व एकरूपता लाने तथा अभिलेखों के व्यवस्थित संधारण पर विशेष जोर दिया। इस परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। पहले चरण में कुछ चयनित जिलों के राजस्व अभिलेखों का पूर्ण डिजिटलीकरण होगा, जिसके बाद इसे प्रदेश के सभी 33 जिलों में विस्तारित किया जाएगा।

सुरक्षित किए जाने वाले प्रमुख दस्तावेज

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव  शम्मी आबिदी ने बताया कि डिजिटलीकरण के तहत निम्नलिखित महत्वपूर्ण दस्तावेजों की स्कैनिंग व डाटा एंट्री कर उन्हें डिजिटल रूप में सुरक्षित किया जाएगा:

  • अधिकार अभिलेख पंजी

  • बंदोबस्त एवं चकबंदी मिसल

  • निस्तार पत्रक, खसरा और किश्तबंदी खतौनी

  • राजस्व न्यायालय के आदेश और मूल ग्राम नक्शे

  • संशोधन पंजी तथा वर्ष 2020 से पूर्व के खसरा पंचशाला अभिलेख

‘सेवा सेतु’ पोर्टल से एकीकरण और आधुनिक तकनीक का उपयोग

  • सेवा सेतु से जुड़ाव: परियोजना के तहत तैयार किए जाने वाले डिजिटल रिकॉर्ड भंडार को ‘सेवा सेतु’ पोर्टल से जोड़ा जाएगा। इससे नागरिकों को ऑनलाइन आवेदन करने, शुल्क भुगतान करने, प्रमाणित डिजिटल प्रतियां प्राप्त करने और आवेदन की स्थिति ट्रैक करने जैसी सुविधाएं आसानी से मिल सकेंगी।

  • AI और OCR तकनीक: रिकॉर्ड रूम के भौतिक अभिलेखों को बारकोड आधारित वर्गीकरण और डिजिटल लोकेशन के जरिए व्यवस्थित किया जाएगा। पुरानी और हस्तलिखित दस्तावेजों को आसानी से खोजने के लिए OCR तकनीक और AI आधारित खोज सुविधा विकसित की जा रही है, जिससे दस्तावेजों के संरक्षण के साथ-साथ नागरिकों का काम बेहद आसान हो जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *