रायपुर, छत्तीसगढ़ शासन के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा राजधानी रायपुर में ‘आधार प्रमाणीकरण एवं सत्यापन’ विषय पर एक-दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों-कर्मचारियों को आधार प्रमाणीकरण, ऑफलाइन सत्यापन, फेस ऑथेंटिकेशन और आधार सेवाओं के सुरक्षित उपयोग की व्यावहारिक जानकारी देना था।
कार्यशाला के मुख्य बिंदु और वक्ता
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मुख्य अतिथि: खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ सही हितग्राहियों तक पहुँचाने में आधार प्रमाणीकरण एक महत्वपूर्ण कड़ी है। फिंगरप्रिंट आधारित सत्यापन से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता और सुगमता बढ़ी है।
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UIDAI के विशेषज्ञ: नई दिल्ली से आए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के निदेशक लेफ्टिनेंट कर्नल प्रवीण चौधरी ने आधार अधिनियम के प्रावधानों, डेटा सुरक्षा और ऑफलाइन सत्यापन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नागरिक खुद भी ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से अपने आधार का सत्यापन कर सकते हैं।
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क्षेत्रीय दृष्टिकोण: हैदराबाद क्षेत्रीय कार्यालय के निदेशक श्री टी. रामकृष्ण ने देश में आधार की तकनीकी संरचना और सेवा वितरण तंत्र के विस्तार पर प्रकाश डाला।
छत्तीसगढ़ में आधार सेवाओं की स्थिति (प्रमुख आँकड़े)
छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसाइटी (चिप्स) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मयंक अग्रवाल ने राज्य में आधार सेवाओं के विस्तार की जानकारी दी:
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आधार सेवा केंद्र: राज्य के सभी 33 जिलों में इन-हाउस मॉडल के तहत 1,100 से अधिक आधार सेवा केंद्र शासकीय परिसरों में संचालित हो रहे हैं।
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पंजीकरण: छत्तीसगढ़ में अब तक 3 करोड़ 17 लाख 33 हजार से अधिक आधार पंजीकरण किए जा चुके हैं।
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बाल आधार अद्यतन: 5 से 15 और 15 से 17 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के अनिवार्य बायोमेट्रिक अद्यतन के तहत विशेष शिविरों के माध्यम से 7 लाख से अधिक बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट सफलतापूर्वक किया गया है।
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नए केंद्र: UIDAI द्वारा राज्य में 14 नए आधार सेवा केंद्र खोलने की अनुमति दी गई है, जिनमें से दुर्ग, महासमुंद, रायपुर, बिलासपुर और जांजगीर-चांपा में संचालन शुरू हो चुका है।
तकनीकी सत्र और उपस्थिति
कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में सीमित नेटवर्क वाले क्षेत्रों में ऑफलाइन सत्यापन और फिंगरप्रिंट/आइरिस में कठिनाई होने पर ‘फेस ऑथेंटिकेशन’ के उपयोग के बारे में विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया।
इस अवसर पर नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंध संचालक भास्कर विलास संदीपन, कोष एवं लेखा निदेशक एस. जयवर्धन, खाद्य संचालनालय की संचालक डॉ. फरिहा आलम और चिप्स के अतिरिक्त सीईओ शशांक पांडे सहित 150 से अधिक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।