रायगढ़ जिले के लोईंग में 10 बिस्तर वाले जिला नशा मुक्ति केंद्र की सेवाएं शुरू हो गई हैं। यहां नशे की लत से प्रभावित लोगों को इलाज के साथ काउंसलिंग और पुनर्वास की सुविधा मिलेगी। केंद्र शुरू होने से रायगढ़ और आसपास के इलाकों के लोगों को नशामुक्ति के लिए स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
केंद्र में मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार उपचार और दवाइयों की व्यवस्था की गई है। इलाज के दौरान चिकित्सकीय निगरानी भी रखी जाएगी। वहीं, प्रशिक्षित काउंसलर मरीजों को नशे के शारीरिक और मानसिक प्रभावों के बारे में जानकारी देने के साथ उन्हें नशे की आदत से बाहर निकलने के लिए मानसिक रूप से तैयार करेंगे।
सुरक्षित माहौल में होगा उपचार
केंद्र के संचालन के लिए चिकित्सकीय सुविधाओं के साथ जरूरी मानव संसाधन भी उपलब्ध कराए गए हैं। मरीजों की देखभाल के लिए केयरटेकर, सिक्योरिटी गार्ड और प्रशिक्षित काउंसलर की सेवाएं रहेंगी। आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की भी व्यवस्था की गई है।
सीएमएचओ डॉ. अनिल कुमार जगत ने बताया कि केंद्र का मकसद सिर्फ नशे की आदत छुड़ाना नहीं, बल्कि मरीजों को मानसिक रूप से मजबूत बनाकर उन्हें परिवार और समाज की मुख्यधारा में वापस लाना भी है। उपचार के बाद भी मरीजों को सामान्य जीवन में लौटने के लिए जरूरी मार्गदर्शन दिया जाएगा।