रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार ने शहरी गरीब परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 में बड़ा बदलाव किया है। अब योजना का लाभ लेने के लिए निवास की वैधता की कट-ऑफ डेट 31 अगस्त 2015 की जगह 31 अगस्त 2024 कर दी गई है। यानी ऐसे परिवार जो पिछले 9 वर्षों से नगरीय क्षेत्रों में रह रहे हैं और योजना की पात्रता पूरी करते हैं, वे भी अब पक्के मकान के लिए पात्र हो सकेंगे।

सरकार के इस फैसले से उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से शहरों में रह रहे हैं, लेकिन पुरानी कट-ऑफ डेट के कारण प्रधानमंत्री आवास योजना के दायरे से बाहर थे।

15 दिन में नए हितग्राहियों की पहचान के निर्देश

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रदेश के सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को संशोधित प्रावधान के अनुसार पात्र परिवारों की पहचान, दस्तावेजों के सत्यापन और आवास आवंटन की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। निकायों को 15 दिनों के भीतर नए पात्र हितग्राहियों को एएचपी आवास का लाभ दिलाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा गया है।

राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) को भी पूरी प्रक्रिया की नियमित मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी दी गई है। विभाग ने साफ किया है कि पात्र परिवारों के चयन में पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

एएचपी आवासों में तेजी से होगी बसाहट

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के तहत अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप यानी एएचपी परियोजनाओं में नए हितग्राहियों के जुड़ने से खाली आवासों के आवंटन और योजनाबद्ध बसाहट में तेजी आने की उम्मीद है।

इन आवासीय परिसरों में पानी, बिजली, सड़क, स्वच्छता और सामुदायिक सुविधाएं जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। ऐसे में सरकार का फोकस केवल मकान देने पर नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को बेहतर आवासीय माहौल उपलब्ध कराने पर भी है।

36,969 आवास स्वीकृत, 29,267 पूरे

छत्तीसगढ़ में एएचपी घटक के तहत अब तक 36,969 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 29,267 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 7,702 आवास अभी निर्माण के अलग-अलग चरणों में हैं।

वहीं, तैयार और उपलब्ध आवासों में से अब तक 30,438 आवासों का आवंटन किया जा चुका है। इनमें से 21,923 परिवार अपने पक्के घरों में रहना शुरू कर चुके हैं।

गरीब परिवारों को मिलेगी बड़ी राहत

सरकार के इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा उन परिवारों को मिल सकता है जो शहरों में किराये के मकान, अस्थायी बस्तियों या सीमित सुविधाओं वाले घरों में रह रहे हैं। नई कट-ऑफ डेट के कारण ऐसे और अधिक परिवार योजना के लिए पात्रता जांच करा सकेंगे।

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के एएचपी घटक में स्लम क्षेत्रों के आवासहीन शहरी गरीब परिवारों के लिए केंद्र सरकार की ओर से 1.50 लाख रुपए और राज्य सरकार की ओर से 2.50 लाख रुपए का अनुदान दिया जाता है। हितग्राही अंशदान के रूप में 75 हजार रुपए आसान किस्तों में जमा करने की सुविधा भी है।

वहीं, किराये के मकान में रहने वाले पात्र कमजोर आय वर्ग के परिवारों के लिए केंद्र से 1.50 लाख रुपए का अनुदान और राज्य की ओर से आवास निर्माण के लिए नि:शुल्क भूमि उपलब्ध कराने का प्रावधान है। हितग्राहियों को अपना अंशदान आसान किस्तों में जमा करने की सुविधा दी जाती है।

मुख्यमंत्री बोले- हर पात्र परिवार को मिले सम्मानजनक आवास

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि कट-ऑफ डेट बढ़ाने से शहरी क्षेत्रों में रहने वाले अधिक पात्र और जरूरतमंद परिवार पक्के आवास से जुड़ सकेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य गरीब परिवारों को सिर्फ छत देना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित, स्थायी और सम्मानजनक जीवन का आधार उपलब्ध कराना है।

उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने कहा कि नई कट-ऑफ डेट से एएचपी परियोजनाओं में हितग्राही चयन और योजनाबद्ध बसाहट को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि पात्र परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।

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