बलौदाबाजार : शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों के योगदान को सम्मान देने के लिए बलौदाबाजार के नगर भवन में शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। स्व. सोनचंद स्मृति फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने जिले के 150 सेवानिवृत्त शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मानित किया।
सम्मान समारोह में शिक्षकों को स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर उनके लंबे शैक्षणिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने भी हिस्सा लिया।
‘शिक्षक सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं देते’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान हमेशा सर्वोच्च रहा है। शिक्षक केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि उनके भीतर संस्कार, अनुशासन और जीवन मूल्यों की नींव भी रखते हैं।
उन्होंने कहा कि जिन शिक्षकों को सम्मानित किया गया, उन्होंने अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय नई पीढ़ी को शिक्षित और संस्कारित करने में लगाया। उनके योगदान का असर सिर्फ उनके विद्यार्थियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे समाज और राष्ट्र को भी दिशा मिलती है।
‘गुरु का ऋण कभी नहीं चुकाया जा सकता’
राजस्व मंत्री ने कहा कि गुरुजनों का योगदान इतना बड़ा है कि उसका ऋण कभी चुकाया नहीं जा सकता। उन्होंने सभी सेवानिवृत्त शिक्षकों का अभिनंदन करते हुए उनके प्रति कृतज्ञता जताई और कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण के सच्चे शिल्पकार हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि मजबूत और संस्कारवान समाज के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। शिक्षक जिस पीढ़ी को तैयार करते हैं, वही आगे चलकर समाज और देश की जिम्मेदारी संभालती है।
समारोह के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय तक सेवाएं देने वाले सेवानिवृत्त शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी गुरुजनों के योगदान को याद करते हुए उनके प्रति सम्मान और आभार व्यक्त किया।