बिलासपुर : तीजा तिहार के मौके पर रविवार को बिलासपुर का बहतराई स्टेडियम छत्तीसगढ़ी संस्कृति और पारंपरिक रंगों से सराबोर नजर आया। तीजा मिलन समारोह में बड़ी संख्या में माताएं-बहनें पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचीं। गीत-संगीत, झूले, मेहंदी और विभिन्न गतिविधियों के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी महिलाओं के साथ तीज की खुशियां साझा कीं।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की महिलाओं को तीजा पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति से गहराई से जुड़ा पर्व है। इसमें महिलाओं की आस्था के साथ परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना जुड़ी है। उन्होंने कहा कि पीढ़ियों से चली आ रही यह परंपरा परिवार और सामाजिक रिश्तों को मजबूत करने का काम करती है।
‘प्रदेश की महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं’
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ की महिलाएं केवल सरकारी योजनाओं का लाभ लेने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनकर विकास में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 13.85 लाख से ज्यादा महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं और स्व-सहायता समूहों के जरिए अलग-अलग आजीविका गतिविधियों से जुड़कर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं।
उन्होंने ड्रोन दीदियों का भी जिक्र किया, जो तकनीक का इस्तेमाल कर स्वरोजगार से जुड़ रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की महिलाओं को उनकी क्षमता और हुनर के अनुसार आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
महतारी वंदन योजना का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए राज्य में महतारी वंदन योजना संचालित की जा रही है। इसके तहत 68 लाख से अधिक माताओं-बहनों को नियमित आर्थिक सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी योजनाओं से महिलाओं को अपनी जरूरतों के लिए आर्थिक रूप से मजबूत होने में मदद मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को हासिल करने में महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। जब महिलाएं शिक्षित, सुरक्षित, स्वस्थ और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होंगी, तो परिवार और समाज दोनों मजबूत होंगे।
चोरहादेवरी अब कहलाएगा ‘रामदेवरी’
तीजा मिलन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने बिल्हा विकासखंड के चोरहादेवरी गांव का नाम बदलकर ‘रामदेवरी’ करने की घोषणा की। इसके साथ ही माघी पूर्णिमा पर आयोजित होने वाले बेलतरा महोत्सव के लिए 30 लाख रुपए देने की घोषणा भी की। इन घोषणाओं का कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने स्वागत किया।
तीजा ने एक बार फिर दिखाई छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक
बहतराई स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं के लिए झूले, मेहंदी, भोजन और उपहार समेत कई व्यवस्थाएं की गई थीं। बच्चों ने भी विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लिया। पारंपरिक परिधानों और गीत-संगीत के बीच पूरे स्टेडियम में तीजा पर्व का उत्सवी माहौल देखने को मिला।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ की संस्कृति और पारिवारिक परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। वहीं महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि ऐसे आयोजन लोकपरंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ सामाजिक जुड़ाव को भी मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम में विधायक अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, सुशांत शुक्ला, भावना बोहरा, दिलीप लहरिया सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।