रायपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 137वें संस्करण में रविवार को देश के विकास, संस्कृति, स्वच्छता, युवा शक्ति और आत्मनिर्भरता से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। रायपुर में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने अपने शासकीय आवास पर कार्यक्रम का श्रवण किया। इस दौरान अंबिकापुर की महापौर मंजूषा भगत सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से संरक्षित करने की जरूरत पर जोर दिया। डिजिटल माध्यमों से इतिहास को सहेजने की पहल को उन्होंने आने वाली पीढ़ियों को देश की विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण जरिया बताया।
नशामुक्त युवा और विकसित भारत का संदेश
‘मन की बात’ में युवाओं को नशे से दूर रखने और उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने पर भी जोर रहा। ‘नशामुक्त युवा, विकसित भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए समाज की सामूहिक भागीदारी की जरूरत बताई गई।
मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि देश की युवा शक्ति विकास की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं को स्वस्थ और सकारात्मक माहौल उपलब्ध कराना परिवार और समाज की साझा जिम्मेदारी है।
तिरंगा यात्रा और राष्ट्रभावना का जिक्र
प्रधानमंत्री ने अगस्त में देशभर में निकाली गई तिरंगा यात्राओं का भी उल्लेख किया। बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी को उन्होंने देश के प्रति सम्मान और राष्ट्रभावना से जोड़ते हुए तिरंगे को राष्ट्रीय एकता और गौरव का प्रतीक बताया।
छोटे कारोबारियों के लिए पीएम स्वनिधि बनी सहारा
कार्यक्रम में रेहड़ी-पटरी और छोटे कारोबारियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने वाली पीएम स्वनिधि योजना की भूमिका पर भी चर्चा हुई। योजना के जरिए छोटे व्यवसायियों को अपने कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक सहयोग मिलने की बात सामने आई।
मंत्री अग्रवाल ने कहा कि छोटे कारोबारी स्थानीय अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इनके मजबूत होने से परिवारों के साथ स्थानीय बाजार और रोजगार को भी फायदा मिलता है।
पर्यटन और स्वच्छता का सीधा कनेक्शन
स्वच्छ भारत अभियान को लेकर भी प्रधानमंत्री ने लोगों से स्वच्छता को रोजमर्रा की आदत बनाने का आह्वान किया। इस पर मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि स्वच्छता का पर्यटन से सीधा संबंध है। स्वच्छ पर्यटन स्थल ज्यादा आकर्षक होने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देते हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक और सांस्कृतिक पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं। ऐसे में पर्यटन स्थलों की स्वच्छता और विरासत का संरक्षण दोनों महत्वपूर्ण हैं।
अमरनाथ यात्रा से आध्यात्मिक पर्यटन तक
‘मन की बात’ में अमरनाथ यात्रा का उल्लेख करते हुए देश की धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन परंपरा की व्यापकता पर भी बात हुई। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि धार्मिक यात्राएं केवल आस्था से जुड़ी नहीं हैं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को भी गति देती हैं।
छत्तीसगढ़ में राम वन गमन पथ, माता कौशल्या की नगरी और कई प्राचीन धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थल आध्यात्मिक पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।
खेती में तकनीक और स्थानीय उत्पादों पर जोर
कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिक तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने की जरूरत पर भी कार्यक्रम में चर्चा हुई। आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से खेती को ज्यादा प्रभावी और किसानों के लिए लाभकारी बनाने पर जोर दिया गया।
वहीं, ‘Vocal for Local’ के जरिए स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का संदेश भी दिया गया। स्थानीय हस्तशिल्प, शिल्पकला और पारंपरिक उत्पादों को बाजार मिलने से कारीगरों और छोटे उद्यमियों को लाभ पहुंचने के साथ सांस्कृतिक विरासत को भी मजबूती मिलती है।
मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि ‘मन की बात’ देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे सकारात्मक प्रयासों और बदलावों को सामने लाने का माध्यम बन गया है। इससे लोगों को अपने स्तर पर समाज और राष्ट्र के लिए बेहतर काम करने की प्रेरणा मिलती है।