रायपुर : स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी के ऐतिहासिक टाउन हॉल में सात दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम, वीर सेनानियों के योगदान, ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की यात्रा और प्रदेश की विकास गाथा को एक साथ दिखाया गया है।
मुख्यमंत्री साय ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए कहा कि देश की आजादी में छत्तीसगढ़ के वीर नायकों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हमारा दायित्व है। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रदर्शनियां युवाओं को अपने इतिहास और विरासत से जोड़ने के साथ राष्ट्रप्रेम और कर्तव्यबोध की भावना को मजबूत करती हैं।
50-50 लाख रुपए देने का ऐलान
मुख्यमंत्री ने रायपुर के ऐतिहासिक टाउन हॉल और शहीद स्मारक के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और नवीनीकरण के लिए 50-50 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आधुनिक विकास के साथ प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजना भी जरूरी है।
‘वंदे मातरम्’ की 150 साल की यात्रा
प्रदर्शनी में ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा को खास जगह दी गई है। इसमें इसके रचना काल से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन में राष्ट्रजागरण के स्वर के रूप में इसकी भूमिका को ऐतिहासिक संदर्भों और तस्वीरों के जरिए दिखाया गया है।
वीर सेनानियों से लेकर योजनाओं तक
प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता सेनानियों और जननायकों के संघर्ष व बलिदान से जुड़े दुर्लभ दस्तावेज और तस्वीरें प्रदर्शित की गई हैं। महात्मा गांधी के छत्तीसगढ़ प्रवास और यहां हुए सामाजिक व राष्ट्रीय आंदोलनों से जुड़े प्रसंग भी लोगों को देखने मिलेंगे।
इसके साथ ही महतारी वंदन योजना, कृषक उन्नति योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं से लोगों के जीवन में आए बदलावों को भी तस्वीरों और जानकारी के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।
AI से विरासत का डिजिटल अनुभव
प्रदर्शनी में AI आधारित पहल भी आकर्षण का केंद्र बनी है। इसके जरिए लोग छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों की पृष्ठभूमि के साथ अपनी डिजिटल तस्वीर तैयार करा सकेंगे। खासकर बच्चों और युवाओं में इसे लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है।
प्रदर्शनी में विजिटर डायरी और छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा पर आधारित डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई जा रही है।
21 अगस्त तक देख सकेंगे प्रदर्शनी
कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में यह प्रदर्शनी 15 से 21 अगस्त 2026 तक आम नागरिकों के लिए खुली रहेगी। लोग प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से रात 8 बजे तक प्रदर्शनी का अवलोकन कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों, खासकर युवाओं और विद्यार्थियों से प्रदर्शनी देखने की अपील की।