रायपुर : छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार निवेश, रोजगार, आधुनिक तकनीक और स्थानीय उद्यमिता पर जोर दे रही है। विजन 2047 के तहत प्रदेश को आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनाने की दिशा में कई बड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
बीते ढाई वर्षों में प्रदेश को 264 औद्योगिक परियोजनाओं से करीब 8.22 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनसे 1.72 लाख से अधिक रोजगार के अवसर बनने की संभावना है। इसी अवधि में 3,009 नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित हुईं, जिनसे 50,807 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है।
टेक्सटाइल से एआई तक निवेश का विस्तार
नवा रायपुर में आधुनिक टेक्सटाइल पार्क को औद्योगिक विस्तार की अहम कड़ी माना जा रहा है। यहां तमिलनाडु की स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड 235 करोड़ रुपये के निवेश से गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित कर रही है। इससे करीब 4,650 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
इसके साथ ही प्रदेश में डेटा सेंटर, आईटी, फार्मास्यूटिकल्स, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रिकल-इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग जैसे नए क्षेत्रों में भी निवेश की संभावनाएं बढ़ रही हैं।
निवेशकों के लिए आसान हुआ कारोबार
औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के तहत विनिर्माण इकाइयों को 100 प्रतिशत और सेवा क्षेत्र को 150 प्रतिशत तक वित्तीय प्रोत्साहन दिया जा रहा है। 150 से अधिक सेवाओं वाले सिंगल विंडो सिस्टम और प्रशासनिक सुधारों से निवेश प्रक्रिया को आसान बनाने का प्रयास किया गया है।
प्रदेश में 23 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए गए हैं। वहीं बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य निवेश को तेजी से धरातल पर उतारकर स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के अधिक अवसर तैयार करना है।