रायपुर : बलरामपुर और रामानुजगंज शहरों को जल्द ही 4-लेन बायपास की सौगात मिलने की उम्मीद है। आदिम जाति विकास मंत्री एवं रामानुजगंज विधायक श्री रामविचार नेताम ने नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर राष्ट्रीय राजमार्ग-343 पर दोनों शहरों के लिए बायपास निर्माण की मांग रखी। केंद्रीय मंत्री ने प्रस्ताव पर सकारात्मक सहमति जताते हुए अधिकारियों को शीघ्र डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
मंत्री श्री नेताम ने बताया कि अम्बिकापुर-रामानुजगंज-गढ़वा राष्ट्रीय राजमार्ग-343 छत्तीसगढ़ को झारखंड से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण अंतर्राज्यीय मार्ग है। इस पर यात्री बसों, व्यावसायिक वाहनों और भारी मालवाहकों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। शहरों के बीच से भारी वाहनों के गुजरने के कारण यातायात जाम और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
10 और 8 किलोमीटर के होंगे बायपास
बलरामपुर शहर के लिए करीब 10 किलोमीटर लंबाई के 4-लेन बायपास और रामानुजगंज के लिए करीब 8 किलोमीटर लंबाई के 4-लेन बायपास का प्रस्ताव रखा गया है। इनके निर्माण से शहरों के भीतर भारी वाहनों का दबाव कम होगा और नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी।
अंतर्राज्यीय कारोबार को मिलेगी रफ्तार
बायपास बनने से केवल यातायात व्यवस्था ही बेहतर नहीं होगी, बल्कि छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच अंतर्राज्यीय व्यापार एवं परिवहन को भी गति मिलेगी। भारी वाहनों के लिए शहरों से बाहर बेहतर मार्ग मिलने से परिवहन समय और यातायात दबाव कम होगा। इससे दोनों शहरों में व्यापारिक गतिविधियों और नगरीय विकास को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
मंत्री श्री नेताम ने बताया कि एनएच-343 कॉरिडोर योजना के तहत निर्माण कार्यों के लिए 397.44 करोड़ और 199.05 करोड़ रुपये की स्वीकृति पहले ही दी जा चुकी है। उन्होंने इसी क्रम में दोनों शहरों के बायपास निर्माण को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। केंद्रीय मंत्री की सकारात्मक पहल से क्षेत्र में सड़क कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।