रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को राजधानी रायपुर के फाफाडीह स्थित दया भवन में युवाओं, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 136वीं कड़ी सुनी। कार्यक्रम के बाद उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ समाज में हो रहे सकारात्मक कार्यों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रभावी मंच बन चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में प्रधानमंत्री द्वारा ‘मन की बात’ में लगातार छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों, सांस्कृतिक विरासत और नवाचारों का उल्लेख किया जाना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि मल्हार की पुरातात्विक विरासत, बस्तर ओलंपिक, बस्तर पंडुम और अब कोरबा के जल संरक्षण मॉडल को राष्ट्रीय मंच पर पहचान मिली है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री ने ‘कैच द रेन’ अभियान के तहत कोरबा में वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, तालाबों के संरक्षण और वृक्षारोपण को जनभागीदारी के माध्यम से व्यापक अभियान का रूप देने के लिए लगातार काम कर रही है।
उन्होंने प्रदेशवासियों से बारिश की हर बूंद को सहेजने, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में शामिल होने और जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान, ‘वोकल फॉर लोकल’, पर्यावरण-अनुकूल गणेशोत्सव तथा विज्ञान, खेल और अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारतीय युवाओं की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीव लोचन महाराज सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, युवा और नागरिक मौजूद रहे।