छत्तीसगढ़ के रायपुर के सिलयारी पावर प्लस कहलाने वाला छत्तीसगढ़ के रायपुर जिला के धरसींवा ब्लॉक के सिलयारी और कुथरेल बिजली विभाग की मनमानी फिर बढ़ती जा रही है। बार-बार की अघोषित बिजली कटौती से क्षेत्र के उपभोक्ता त्रस्त हैं। क्षेत्र में हर 10 मिनट में बिजली बंद होती है।

इतना ही नहीं बार-बार ऑन-ऑफ का मजाक जैसा अजब खेल विभाग के कर्मचारियों द्वारा खेला जाता है। यहां इतनी खुला छूट दे दी गई है किए ड्यूटी कर रहे ठेका कर्मी जब मन करे तब बिजली बंद कर देतें हैं। अघोषित कटौती और बार-बार की आंखमिचौली से जनता परेशान ही नहीं तंग भी आ चुकी है। फिर भी विद्युत विभाग धृतराष्ट्र बना बैठा है।

भीषण गर्मी में घण्टों हो रही बिजली कटौती

मंगसा मोड़ पर स्थित केन्द्र से आसपास के गांवों में बिजली डिस्ट्रीब्यूट होती है। दर्जनों से भी ज्यादा गांवों में बिजली की समस्या रहती है। रात में भी बार-बार बिजली बंद-चालू होती रहती है। विभाग जब मन करे तब बिजली बंद कर देता है और जब मन करे चालू कर देता है।

बंद करने का स्पष्ट कारण विभाग के पास भी नहीं रहता। कभी सिलयारी स्टेशन से तो कभी कुथरेल स्टेशन से बिजली बंद होना बताकर दोनों जिम्मेदारी से बचते नजर आते हैं। इधर, जनता विद्युत केन्द्र में फोन लगाते हैं तो कभी रैता, तो कभी सारागांव से बिजली बंद होने का हवाला देकर पल्ला झाड़ने लगते हैं। इधर उमस और गर्मी से परेशान जनता बिजली के आने की बाट जोहते हैं।

बिजली विभाग के अधिकारी-कर्मचारी जब से नखरे दिखाने शुरू किए तब से लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। क्योंकि यह सिलयारी क्षेत्र का पुराना और ज्वलंत समस्या है। मजेदार बात तो यह है कि विद्युत विभाग मेंटेनेंस करने में पूरी तरह नाकाम रहा है। जिसका खामियाजा अब उपभोक्ता भुगत रहे हैं।

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