छत्तीसगढ़ सरकार ने पुलिस भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर सख्त कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर गृहमंत्री विजय शर्मा ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी के खुलासे के बाद राजनांदगांव जिले में पुलिस भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह रद्द कर दिया गया है।

गौरतलब है कि इस घोटाले से जुड़े एक आरोपी आरक्षक ने पहले ही आत्महत्या कर ली थी। अब तक इस मामले में दो आरक्षक, दो कंप्यूटर ऑपरेटर और एक अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया जा चुका है। भर्ती प्रक्रिया में कुल 63,000 से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, लेकिन फिजिकल टेस्ट के अंकों में हेरफेर का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने यह कदम उठाया।

 राजनांदगांव में 16 नवंबर 2024 से पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया आरंभ हुई थी। 16 दिसंबर 2024 को लालबाग थाने में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इस मामले में संदिग्ध आरक्षक अनिल रत्नाकर का शव 21 दिसंबर को फांसी पर लटका हुआ मिला, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।

सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई तेज कर दी है। इस घटना ने पुलिस भर्ती प्रणाली की खामियों को उजागर किया है और प्रशासन को सुधारात्मक कदम उठाने पर मजबूर किया है।

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