गुल्लक बेचने वाले भगवानदास प्रजापत ने बताया कि बाजार में पहली बार सिलेंडर वाले गुल्लक आए हैं. लोगों की इसमें काफी रूचि है. सिलेंडर के आकार के गुल्लक बनाने के पीछे एक तर्क समझा जा सकता है कि सिलेंडर के रेट 1,000 रुपये से ज्यादा हो गये हैं. इसके बाद लोगों को बचत का ज्ञान नहीं. इसलिए यह सोच रख कर सिलेंडर की तरह के गुल्लक बनाए गए हैं. इसको लोग खासा पसंद कर रहे हैं