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आंबेडकर अस्पताल में नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ की भारी कमी है। इस कमी को दूर करने के लिए संविदा में भर्ती की जाएगी। कमिश्नर मेडिकल एजुकेशन (सीएमई) शिखा राजपूत तिवारी ने शनिवार को अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि अस्पताल जरूरी सुविधा में आता है। इसलिए डॉक्टर समेत नर्सिंग, पैरामेडिकल व चतुर्थ श्रेणी के खाली पदों को तत्काल भरा जाए। इससे मरीजों के इलाज व देखभाल में आसानी होगी।

सीएमई ने मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं का ज़ायजा लिया। अस्पताल में 700 बेड के हिसाब से सेटअप है। जबकि बेड की संख्या 1300 के करीब पहुंच गई है। इस हिसाब से नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ नहीं हैं। उन्होंने रजिस्ट्रेशन काउंटर, रेडियो डायग्नोसिस के एक्सरे के अलावा डीएसए ब्लॉक, स्त्री और प्रसूति रोग वार्ड, नियोनेटल केयर यूनिट(नर्सरी), एचडीयू वार्ड, कैंसर ओपीडी तथा कीमोथैरेपी कक्ष का निरीक्षण किया। प्रस्तावित 700 बिस्तर के इंडीग्रेटेट अस्पताल स्थल को भी देखा। उन्होंने विभिन्न विभागों में स्थापित मशीनों के संबंध में जानकारी भी ली।
नेहरू मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. विवेक चौधरी, अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर, अस्थि रोग विभागाध्यक्ष डॉ. रविकांत दास, सहायक अधीक्षक डॉ. अनिल बघेल, सहायक नर्सिंग अधीक्षक डी. अश्लेशम एवं अभिलाषा गुजराती समेत अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

मरीजों को गुणवत्तापूर्ण खाना देने को कहा

शिखा राजपूत तिवारी ने भर्ती मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं और भोजन के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने किचन का जायजा लिया। किचन में हाइजीन मेंटेन करने के निर्देश दिए। साथ ही मरीजों को गुणवत्तापूर्ण खाना देने को कहा गया। दरअसल कई वार्डों में मॉड़्यूलर किचन के नाम पर स्तरहीन खाना परोसा जा रहा है। कई बार मरीजों को बीमारी के अनुसार डाइट भी नहीं दिया जाता। सभी मरीजों को चावल, दाल, रोटी व सब्जी दी जाती है। मरीजों ने कई बार चावल ठीक से नहीं पके होने की शिकायत भी की है। जानकारों के अनुसार खाना की गुणवत्ता सुधारने की जरूरत है।

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