आज के समय में अधिकतर युवा अपने खुद के कारोबार का सपना देखते हैं, लेकिन आर्थिक तंगी या पूंजी की कमी उन्हें पीछे खींच लेती है। बैंक से लोन लें तो ब्याज और नुकसान का डर बना रहता है – और अगर व्यापार नहीं चला तो? इन्हीं तमाम मुश्किलों को हल करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक शानदार पहल शुरू की है, जिसका नाम है – मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान।
क्या है योजना की खास बात?
इस योजना के तहत यूपी का कोई भी नागरिक जो अपना बिजनेस शुरू करना चाहता है, 5 लाख रुपये तक का लोन बिना ब्याज और बिना किसी गारंटी के ले सकता है। योजना का उद्देश्य है कि 21 से 40 वर्ष तक के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाए और उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया जाए। सरकार का लक्ष्य है कि 10 वर्षों में 10 लाख युवाओं को रोजगार दिया जाए, यानी हर साल 1 लाख नए उद्यमी।
कैसे करें आवेदन?
इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया बेहद सरल है। सबसे पहले आपको उत्तर प्रदेश सरकार के एमएसएमई पोर्टल msme.up.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन पत्र भरने के बाद, उसकी जांच संबंधित ज़िले के जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र द्वारा की जाएगी। जांच के बाद आवेदन बैंक को भेजा जाएगा, जहां बैंक लोन से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं पूरी करेगा। सभी औपचारिकताएं पूरी होने पर आपको लोन जारी कर दिया जाएगा।
योजना की शर्तें क्या हैं?
इस योजना का लाभ उठाने के लिए आपकी आयु 21 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए और न्यूनतम 8वीं पास होना अनिवार्य है। साथ ही, आवेदक को किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से स्किल ट्रेनिंग प्राप्त होनी चाहिए। ये प्रशिक्षण विश्वकर्मा श्रम सम्मान, ODOP ट्रेनिंग स्कीम, SC/ST ट्रेनिंग स्कीम, यूपी कौशल विकास योजना या अन्य किसी मान्यता प्राप्त कौशल विकास कार्यक्रम के तहत हो सकता है। इसके अतिरिक्त, यदि लाभार्थी डिजिटल ट्रांजेक्शन करता है तो उसे प्रति ट्रांजेक्शन ₹1 और साल भर में अधिकतम ₹2000 तक का अतिरिक्त अनुदान भी प्रदान किया जाएगा।
किन बैंकों से मिलेगा लोन?
यह लोन नेशनल बैंक, अनुसूचित बैंक, ग्रामीण बैंक और भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा अधिसूचित सभी वित्तीय संस्थाओं के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है। हालांकि ध्यान रहे कि गुटखा, शराब, प्लास्टिक कैरी बैग या तंबाकू उत्पादों से संबंधित व्यवसायों को इस योजना के तहत लोन नहीं मिलेगा।
5 लाख के लोन के लिए क्या देना होगा?
इस योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का लोन बिना ब्याज और बिना किसी गारंटी के दिया जाएगा। इस लोन की वसूली 4 वर्षों में किस्तों के माध्यम से की जाएगी। हालांकि लोन प्राप्त करने से पहले लाभार्थी को एक अंशदान (margin contribution) के रूप में कुछ राशि जमा करनी होगी। यह अंशदान जनरल वर्ग के लिए 15%, OBC वर्ग के लिए 12.5%, और SC/ST व दिव्यांग वर्ग के लिए 10% तय किया गया है। यदि लाभार्थी यह लोन समय पर चुका देता है, तो भविष्य में वह 10 लाख रुपये तक का लोन लेने के लिए पात्र हो सकता है।
7.5 लाख तक के लोन पर छूट
यदि अगली बार आवेदक 7.5 लाख रुपये तक का लोन लेता है तो उसे 50% ब्याज सब्सिडी का लाभ मिलेगा, जो कि 3 वर्षों तक लागू रहेगी। इस लोन की वसूली भी 3 वर्षों के भीतर की जाएगी।
10% सब्सिडी का फायदा
सरकार की इस योजना में एक और बेहतरीन सुविधा यह है कि जो भी लाभार्थी प्रोजेक्ट लगाएगा, उसमें सरकार की ओर से 10% मार्जिन मनी की मदद दी जाएगी। अगर वह 2 वर्षों तक अपना व्यवसाय सफलतापूर्वक संचालित करता है, तो यह राशि सब्सिडी में बदल जाएगी, यानी उसे यह पैसा सरकार को लौटाने की आवश्यकता नहीं होगी।