मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा तेन्दूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक में बढ़ोत्तरी, तेन्दूपत्ता बोनस वितरण, चरण पादुका वितरण योजना से लाखों संग्राहक परिवारों के जीवन में खुशहाली और आर्थिक समृद्धि आयी है। तेन्दूपत्ता संग्रहण कार्य से अब संग्राहकों को अधिक आय होने लगी है। संग्राहकों को पारिश्रमिक का भुगतान पूरी पारदर्शिता से किया जा रहा है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने बताया कि अब तक 10.85 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को 671 करोड़ रुपये से अधिक की पारिश्रमिक राशि का भुगतान किया जा चुका है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक दर 4000 रुपये से बढ़ाकर 5500 रूपए प्रति मानक बोरा किए जाने से वन क्षेत्र में रहने वाले गरीब और आदिवासी परिवारों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिलने लगा है। इस राशि का भुगतान समितियों के माध्यम से पारदर्शी तरीके से किया जाता है।
श्री कश्यप ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार की तेन्दूपत्ता संग्राहक महिलाओं के पैरों की सुरक्षा और उनके सम्मान के लिए चरण पादुका वितरण योेजना संचालित की जा रही है, जो छत्तीसगढ़ सरकार की संवेदनशीलता और जनकल्याण की मिसाल है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने आदिवासियों और वनवासियों की आमदनी बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। जिसके कारण लघु वनोपज संग्रहण के कार्य से जुड़े लाखों परिवारों को न केवल सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिल रहा है, बल्कि वे अब अपने बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक ज़रूरतें भी आसानी से पूरी कर पा रहे हैं।