कोई मतदाता न छूटे के लक्ष्य के साथ, भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर सुकमा जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 का महा-अभियान शुरू हो गया है। कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशन तथा मार्गदर्शन में विधानसभा 90/कोंटा में 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक सभी बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर गणना प्रपत्र भरवा रहे हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य 2026 के लिए एक त्रुटिरहित और शुद्ध मतदाता सूची तैयार करना है।
जिला प्रशासन के अनुसार, इस प्रक्रिया में न केवल योग्य नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाएँगे, बल्कि स्थायी रूप से स्थानांतरित, डुप्लीकेट, मृत या लंबे समय से अनुपस्थित मतदाताओं के नाम सूची से विलोपित (हटाए) भी किए जाएँगे। ऐसे सभी संदिग्ध मतदाताओं (एएसडीडी) की सूची तैयार कर मतदान केंद्रों, पंचायत, तहसील कार्यालयों और वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएगी। यह सूची सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को भी दी जाएगी।
अंदरूनी क्षेत्रों के लिए विशेष योजना
सुकमा जिले की चुनौतियों को देखते हुए, प्रशासन ने अंदरूनी क्षेत्रों के लिए एक विशेष योजना बनाई है। सुरक्षा कैंपों के नज़दीक विशेष शिविर लगाए जाएँगे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जिन पात्र मतदाताओं के पास कोई भी शासकीय दस्तावेज़ (जैसे जाति, निवास, वनाधिकार प्रमाण पत्र) नहीं है, उन्हें शिविरों में ही पात्रतानुसार ये दस्तावेज़ बनवाकर दिए जाएँगे, ताकि वे पंजीकरण से वंचित न रहें।
दस्तावेजों पर जानें यह महत्वपूर्ण नियम
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं का नाम या उनके माता-पिता/दादा-दादी का नाम 2003 की मतदाता सूची में था, उन्हें गणना प्रपत्र के साथ कोई दस्तावेज़ जमा नहीं करना है। लेकिन, जो परिवार या मतदाता 2003 की सूची में नहीं थे, उन्हें अपनी पहचान और निवास के लिए आयोग द्वारा निर्धारित 12 दस्तावेजों में से कोई एक या अन्य कोई भी मान्य शासकीय प्रमाण पत्र (जैसे निवास या जन्मतिथि प्रूफ) जमा करना होगा।
महत्वपूर्ण तिथियां
4 नवंबर – 4 दिसंबर 2025: बीएलओ द्वारा घर-घर सर्वेक्षण।
9 दिसंबर 2025: मतदाता सूची का ड्राफ्ट प्रकाशन।
9 दिसंबर 2025 – 8 जनवरी 2026: दावे और आपत्तियां प्रस्तुत करने की अवधि।
7 फरवरी 2026: मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन।
शिकायत या शंका होने पर कहाँ करें संपर्क?
यदि कोई मतदाता बीएलओ या निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) के निर्णय से असंतुष्ट होता है, तो वह जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है। किसी भी शंका या सहायता के लिए तहसील व जिला स्तर पर हेल्प डेस्क बनाए गए हैं या टोल-फ्री नंबर 1950 पर संपर्क किया जा सकता है।
जिला प्रशासन ने जिले के सभी जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने और एक शुद्ध मतदाता सूची बनाने में सहयोग करने की अपील की है।