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पौष के साथ खरमास 15 दिसंबर से शुरू हो जाने के कारण एक माह के लिए मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाता है। इससे शादी की शहनाइयों का शोर कुछ समय के लिए थम गया है। खरमास की समाप्ति पर अब मांगलिक कार्य मकर संक्रांति से शुरू होंगे। खरमास को मलमास भी कहा जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, खरमास का महीना तब शुरू होता है, जब सूर्य देव बृहस्पति की राशि धनु या मीन में प्रवेश करते हैं।

यह मास आत्मिक जागरण के लिए उत्तम माना जाता है। जनवरी माह के अंतिम पखवाड़े में हर दूसरे दिन विवाह मुहूर्त हैं। ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया कि अब 15 जनवरी तक विवाह नहीं होंगे।

मलमास के बाद पहला विवाह मुहूर्त 16 जनवरी को है। खरमास के बाद जनवरी से लेकर जून तक के विवाह मुहूर्त हैं। जनवरी में 16, 19, 20, 23, 24, 29 और 30 तारीख को शुभ मुहूर्त में विवाह होंगे।

फरवरी से जून माह के लिए विवाह मुहूर्त-फरवरी में 2, 3, 6, 7, 16, 19, 20, 21, 24, 26. मार्च में 2, 3, 6, 7. अप्रैल में 16,18,20,21,23,25,30. मई के महीने में 1, 7, 8, 9, 11, 18, 19, 22, 23, 25, 28 और जून के महीने में 1, 2, 4 और 6 जून को शुभ मुहूर्त हैं।

गृह प्रवेश के लिए शुभ मुहूर्त

अगर आप नए घर में प्रवेश करना चाहते हैं, तो इसके लिए फरवरी में 3, 6, 7, 9 और 10 तारीख का मुहूर्त शुभ है। इसके अलावा मार्च में 6,8 और 10 तारीख का शुभ मुहूर्त है। मई में 3,7,8,9 और 10 मई को आप गृह प्रवेश कर सकते हैं। जून में 4, 5, 6 और 7 जून शुभ मुहूर्त है।

उपनयन के शुभ मुहूर्त

फरवरी : 3 और 7 तारीख

मार्च : 2, 9, 10

अप्रैल : 7 और 8

मई : 2, 7, 8, 9

जून : 5 और 6 तारीख शुभ है।

 

गृहारम्भ शुभ मुहूर्त

अगर आप भूमि पूजन करवाने के बाद अपने गृह कार्य को शुरू करना चाहते हैं, तो इसके लिए फरवरी में 8 और 15 तारीख शुभ मुहूर्त है. मार्च में 10 तारीख, अप्रैल में 16, मई में 3,8 और 10 तारीख और जून में 5, 6 और 7 तारीख से गृहारम्भ कर सकते हैं।

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