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अब बुनकर बनेंगी ब्रांड ओनर! 3 दिन की ट्रेनिंग में सिखाया गया मार्केटिंग से लेकर एक्सपोर्ट तक

ByThepublic

Feb 10, 2026 #chhattisgarh news, #Choice Consultancy Services, #CSIDC Raipur, #District Industries Center, #EDP training, #Export training, #Government training program, #Govt scheme for weavers, #Handloom business, #Handloom marketing, #Handloom training, #Lakholi weaver centre, #MSME scheme, #Raipur news, #RAMP scheme, #Ready made garments, #Saree making, #Skill development, #Subsidy for MSME, #Suit kurta making, #Udyam registration, #Weaver training, #Women entrepreneurs, #women entrepreneurship, #Working capital loan, #आयात निर्यात ट्रेनिंग, #ईडीपी ट्रेनिंग, #उद्यम पंजीयन, #एमएसएमई योजना, #एमएसएमई सब्सिडी, #कौशल विकास, #छत्तीसगढ़ न्यूज़, #जिला उद्योग केंद्र, #बुनकर ट्रेनिंग, #बुनकरों के लिए सरकारी योजना, #महिला उद्यमिता, #महिला उद्यमी, #रायपुर न्यूज़, #रेडीमेड वस्त्र, #रैंप योजना, #लखोली बुनकर केंद्र, #वर्किंग कैपिटल लोन, #सरकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम, #साड़ी निर्माण, #सीएसआईडीसी रायपुर, #सूट कुर्ता निर्माण, #हथकरघा प्रशिक्षण, #हथकरघा बिजनेस, #हथकरघा मार्केटिंग
RAMP scheme MSME India

केन्द्र सरकार की रैंप योजना अंतर्गत बुनकर केन्द्र लखोली में हथकरघा क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों हेतु सेक्टर स्पेसिफिक तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय भारत सरकार तथा राज्य शासन की उद्यमिता प्रोत्साहन पहल के तहत सीएसआईडीसी रायपुर के मार्गदर्शन में चॉइस कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 32 महिला उद्यमी शामिल हुए। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना, स्वरोजगार के अवसर सृजित करना तथा प्रतिभागियों को व्यवहारिक एवं तकनीकी ज्ञान प्रदान करना था। प्रशिक्षण के पहले दिन प्रतिभागियों से प्रत्यक्ष संवाद कर उनकी वर्तमान गतिविधियों, कार्यप्रणाली एवं चुनौतियों की जानकारी ली गई। इसके पश्चात मास्टर ट्रेनर द्वारा वन-टू-वन मार्गदर्शन के माध्यम से संस्थागत ढांचे, अनुभवों एवं भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। दूसरे दिन केन्द्र सरकार की विभिन्न योजनाओं, सब्सिडी प्रावधानों, ईडीपी प्रशिक्षण, कौशल विकास, मार्केटिंग रणनीतियों तथा उद्यम पंजीयन की आवश्यकताओं पर विस्तार से जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के अंतिम दिवस आयात-निर्यात की रणनीति, विभागीय समन्वय तथा भविष्य की मांगों के अनुरूप साड़ी, सूट, कुर्ता, सहित अन्य रेडीमेड वस्त्रों के निर्माण पर केंद्रित रहा। जिससे बुनकरों को अतिरिक्त रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सके। जिला उद्योग केंद्र के मैनेजर श्री सतविंदर सिंह भाटिया ने प्रशिक्षुओं को विभिन्न शासकीय योजनाओं के लाभ, ऋण प्रणाली, सब्सिडी, वर्किंग कैपिटल एवं प्रस्तुति संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। पूर्व संचालित ईडीपी लीप बैच के प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी, प्रेरणादायी एवं मार्गदर्शक बताया। कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर पारूल पाण्डेय, डिविजनल समन्वयक श्री लोकेश सिन्हा एवं श्री तुषार साहू की सक्रिय भूमिका रही। समापन अवसर पर चॉइस कंसलेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा सभी प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

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