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एक जनवरी से दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की 124 ट्रेनों का नंबर बदल जाएगा। जिनमें 24 ट्रेनें बिलासपुर से छूटने व गुजरने वाली ट्रेनें शामिल हैं। कोरोनाकाल से यह ट्रेनें स्पेशल बनकर चल रहीं थी। इस वजह से नंबर भी बदल दिया गया था।

लेकिन, अब स्थिति सामान्य हो गई है। इसलिए रेलवे ने इन ट्रेनों को पुराने नंबर से चलाने का निर्णय लिया है। रेलवे ने यात्रियों के सुविधाओं का ध्यान रखते हुए एक महीने पहले से ही उन 124 ट्रेनों की सूची जारी कर दी है।

बिलासपुर से छूटने व गुजरने वाली ट्रेनें

ट्रेन इस नंबर से चलेंगी

  • 08210 बिलासपुर-गेवरारोड पैसेंजर स्पेशल
  • 58210 – 08261 बिलासपुर-रायपुर पैसेंजर स्पेशल
  • 58201 – 08262 रायपुर- बिलासपुर पैसेंजर स्पेशल
  • 58202 – 08263 टिटलागढ़ -बिलासपुर पैसेंजर स्पेशल
  • 58213 – 08264 बिलासपुर-टिटलागढ़ पैसेंजर स्पेशल
  • 58214 -08719 बिलासपुर-रायपुर मेमू स्पेशल
  • 68719 – 08721 रायपुर-डोंगरगढ़ मेमू स्पेशल
  • 68721 – 08727 बिलासपुर-रायपुर मेमू स्पेशल
  • 68727 – 08731 कोरबा-बिलासपुर मेमू स्पेशल
  • 68731 – 08732 बिलासपुर-कोरबा मेमू स्पेशल
  • 68732 – 08733 गेवरारोड -बिलासपुर मेमू स्पेशल
  • 68733 – 08734 बिलासपुर-गेवरारोड मेमू स्पेशल
  • 68734 – 08735 रायगढ़-बिलासपुर मेमू स्पेशल
  • 68735 – 08736 बिलासपुर-रायगढ़ मेमू स्पेशल
  • 68736 – 08737 रायगढ़- बिलासपुर मेमू स्पेशल
  • 68737 – 08738 बिलासपुर-रायगढ़ मेमू स्पेशल
  • 68738- 08739 शहडोल-बिलासपुर मेमू स्पेशल
  • 68739 – 08740 बिलासपुर- शहडोल मेमू स्पेशल
  • 68740 – 08745 गेवरारोड -रायपुर मेमू स्पेशल
  • 68745 – 08746 रायपुर-गेवरारोड मेमू स्पेशल
  • 68746- 08747 बिलासपुर-कटनी मेमू स्पेशल
  • 68747 – 08748 कटनी-बिलासपुर मेमू स्पेशल
  • 68748 – 08861 गोंदिया -झारसुगुडा मेमू स्पेशल
  • 68861 – 08862 झारसुगुडा-गोंदिया मेमू स्पेशल – 68862

बिलासपुर-कटनी रेलखंड पर मंगलवार को सुबह 11:11 बजे लांग हाल मालगाड़ी के इंजन व 22 डिब्बे पटरी से उतर गए। करीब सात डिब्बे पलटकर क्षतिग्रस्त भी हो गए।

खोंगसरा-भनवारटंक स्टेशन के बीच हुई इस घटना के कारण अप व डाउन लाइन बंद हो गई। इसके चलते रेलवे ने छह ट्रेनों को रद कर दिया। वहीं नौ ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाने का निर्णय लिया। इनमें उत्कल एक्सप्रेस, उधमपुर व सारनाथ एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें हैं। इसके अलावा तीन से चार ट्रेनों के पहिए बीच रास्ते में ही थम गए। इसके चलते यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

दो मालगाड़ी को जब जोड़कर चलाई जाती है, तो उसे लांग हाल कहते हैं। 58-58 वैगन की दोनों मालगाड़ी कलमीटार में आकर लांगहाल बनी। इनमें से एक संबलपुर डिवीजन के सरडेगा से लोड हुई थी और दूसरी कोरबा से रवाना हुई थी।

तेज गति में थी मालगाड़ी

सरडेगा से पंजाब जा रही मालगाड़ी के 22 वैगन खोंगसरा से भनवारटंक के बीच पटरी से उतर गए। मालगाड़ी की गति तेज थी। इसलिए झटके साथ सात डिब्बे पलट गए और लोड कोयला ट्रैक के चारों तरफ बिखर गए। इस घटना के बाद चालक व गार्ड ने तत्काल कंट्रोल को जानकारी दी।

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