स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 12वें लगातार भाषण में एक बार फिर साफ कर दिया कि किसानों के हितों से भारत कभी समझौता नहीं करेगा। मोदी ने कहा कि देश आज आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है और किसानों, पशुपालकों और मछुआरों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि आज़ादी के बाद देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती सबको भोजन उपलब्ध कराना था, लेकिन किसानों की मेहनत ने भारत को आत्मनिर्भर बनाया। उन्होंने कहा कि किसी भी अहितकारी नीति के सामने वे “दीवार” की तरह खड़े रहेंगे और किसानों के हितों की रक्षा करेंगे।
मोदी का यह संदेश वैश्विक व्यापार तनाव और अमेरिका के साथ चल रहे गतिरोध के बीच आया। दरअसल, भारत अमेरिका के दबाव में डेयरी और कृषि क्षेत्र को खोलने को तैयार नहीं है। यही वजह है कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता अटका हुआ है। दूसरी ओर, अमेरिका ने भारत पर 25% टैरिफ लगाया है और रूस से तेल खरीद जारी रखने पर 27 अगस्त से अतिरिक्त 25% शुल्क लागू करने की घोषणा की है।
प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत के लिए प्रौद्योगिकी और ऊर्जा क्षेत्र में हो रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 21वीं सदी तकनीक आधारित होगी और भारत में बने चिप्स 2025 के अंत तक बाजार में उपलब्ध हो जाएंगे। इसके साथ ही देश अपने स्वयं के उर्वरक और लड़ाकू विमानों के लिए स्वदेशी इंजन भी तैयार कर रहा है।
ऊर्जा स्वतंत्रता पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को कई देशों पर अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए निर्भर नहीं रहना चाहिए। पिछले 11 वर्षों में सौर ऊर्जा क्षमता 30 गुना तक बढ़ चुकी है, वहीं 10 नए परमाणु रिएक्टर वर्तमान में कार्यरत हैं। मोदी ने लक्ष्य रखा कि जब भारत अपनी आज़ादी के 100 साल पूरे करेगा, तब तक देश की परमाणु ऊर्जा क्षमता 10 गुना तक बढ़ाई जाएगी।