लाल किले के प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कई अहम घोषणाएँ कीं। उनके भाषण में न सिर्फ देश के भविष्य की झलक दिखाई दी, बल्कि ऐसी नीतियों की दिशा भी तय हुई जो सोमवार को शेयर बाजार की चाल को प्रभावित कर सकती हैं। पीएम मोदी ने साफ कहा कि भारत अब अपने हितों के साथ समझौता किए बिना खुद अपनी किस्मत लिखेगा और 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ेगा। आइए जानते हैं वे 5 बड़े ऐलान, जिनका असर सोमवार को स्टॉक मार्केट पर साफ दिखाई दे सकता है—
1. सेमीकंडक्टर क्रांति की ओर भारत
प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि 50-60 साल पहले भारत में सेमीकंडक्टर फैक्ट्री लगाने की कोशिशें विफल कर दी गई थीं, जबकि दूसरे देश आगे निकल गए। लेकिन अब भारत मिशन मोड में है और इस साल के अंत तक स्वदेशी चिप तैयार कर ली जाएगी। इस घोषणा का असर सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, डिजाइन और इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन से जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर तेजी के रूप में देखने को मिल सकता है।
2. परमाणु ऊर्जा क्षमता में 10 गुना इजाफा
पीएम मोदी ने बताया कि अगले 20 वर्षों में परमाणु ऊर्जा क्षमता को 10 गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल 10 नए न्यूक्लियर रिएक्टर पर काम चल रहा है। इस फैसले से न्यूक्लियर पावर प्लांट EPC कंपनियों, टरबाइन और रिएक्टर उपकरण सप्लायर तथा यूरेनियम खनन कंपनियों के शेयरों में सोमवार को रौनक आ सकती है।
3. दिवाली पर बड़ा जीएसटी रिफॉर्म
दिवाली पर सरकार अगले चरण के जीएसटी सुधारों का ऐलान करेगी। इसके तहत जरूरी सामानों पर टैक्स घटेगा और इसका सीधा फायदा MSMEs और FMCG सेक्टर को मिलेगा। बाजार खुलते ही इन सेक्टर्स से जुड़े शेयरों में उछाल देखने की पूरी संभावना है।
4. रिफॉर्म टास्क फोर्स की घोषणा
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार एक विशेष रिफॉर्म टास्क फोर्स बनाएगी। इसका मकसद है लालफीताशाही को खत्म करना, गवर्नेंस को आधुनिक बनाना और 2047 तक भारत को 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था में बदलना। इस कदम से इन्फ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल सर्विसेज, बैंकिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को सीधा फायदा होगा और इनके शेयरों में तेजी संभव है।
5. ‘मेड इन इंडिया’ की नई चुनौती
प्रधानमंत्री ने युवाओं और वैज्ञानिकों से अपील की कि जैसे भारत ने कोविड-19 वैक्सीन और UPI जैसी डिजिटल क्रांति को संभव बनाया, वैसे ही अब स्वदेशी जेट इंजन बनाना होगा। इस संदेश का असर डिफेंस सेक्टर से जुड़े शेयरों पर दिखाई देगा और निवेशकों का रुझान इस ओर बढ़ सकता है।