भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और बीमा सेवाओं को देश के दूरदराज इलाकों तक पहुंचाने के उद्देश्य से “बीमा सखी योजना” की शुरुआत की है। यह योजना खासतौर पर उन महिलाओं के लिए बनाई गई है जो आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं और घर बैठे एक सम्मानजनक आमदनी की तलाश में हैं। योजना के तहत महिलाओं को एलआईसी एजेंट के रूप में नियुक्त किया जाएगा, जिसके लिए उन्हें किसी भी प्रकार की निवेश राशि जमा नहीं करनी होगी। LIC द्वारा महिलाओं को एजेंट के तौर पर नियुक्त करने से पहले उन्हें पूरी तरह से ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे बीमा से जुड़ी हर तकनीकी और व्यावहारिक जानकारी को अच्छे से समझ सकें।
बीमा सखी योजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें महिलाओं को उनकी सेवाओं के बदले फिक्स इनकम भी दी जाएगी। पहले साल में उन्हें ₹7000 प्रति माह दिए जाएंगे, जबकि दूसरे साल में ₹6000 प्रति माह दिए जाएंगे, बशर्ते कि पहले साल में जो पॉलिसियां उन्होंने शुरू की हैं, उनमें से कम से कम 65% सक्रिय बनी रहें। तीसरे साल में भी प्रदर्शन के आधार पर तय राशि दी जाएगी। यानी बिना कोई पूंजी लगाए महिलाएं एक स्थायी और सम्मानजनक आमदनी पा सकती हैं। इस योजना के माध्यम से महिलाएं न सिर्फ खुद को आत्मनिर्भर बना सकती हैं, बल्कि अपने आस-पास की अन्य महिलाओं को भी बीमा के प्रति जागरूक कर सकती हैं।
इस योजना के लिए आवेदन करने हेतु कुछ पात्रता शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। आवेदन करने वाली महिला की उम्र 18 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए और न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास होना अनिवार्य है। खास बात यह है कि जो महिलाएं पहले से एलआईसी की एजेंट हैं, एलआईसी की कर्मचारी हैं या उनके करीबी रिश्तेदार जैसे पति, बच्चे, माता-पिता, भाई-बहन आदि पहले से निगम से जुड़े हैं, वे इस योजना के लिए आवेदन नहीं कर सकते। पूर्व एलआईसी एजेंट्स और रिटायर्ड कर्मचारी भी इस योजना में शामिल नहीं किए जाएंगे।
आवेदन प्रक्रिया के लिए कुछ जरूरी दस्तावेजों की भी आवश्यकता होगी, जिसमें सेल्फ-अटेस्टेड आयु प्रमाण पत्र, पता प्रमाण पत्र, शैक्षणिक प्रमाण पत्र की कॉपी, पासपोर्ट साइज फोटो और भरा हुआ आवेदन पत्र शामिल हैं। इच्छुक महिलाएं इस योजना में आवेदन के लिए अपने नजदीकी एलआईसी ऑफिस में जाकर या एलआईसी की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से प्रक्रिया पूरी कर सकती हैं। चयन के बाद महिलाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा और फिर उन्हें बीमा सखी के रूप में नियुक्त कर एक फिक्स इनकम दी जाएगी। यह योजना न सिर्फ महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सशक्त कदम है, बल्कि बीमा को हर घर तक पहुंचाने का एक सटीक माध्यम भी है।