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आनंद नामदेव/सपने बड़े हो और उन्हें पूरा करने जुनून तो कामयाब होने में आपको न उम्र रोक सकती है और न कोई सीमाएं। छोटे से गांव से निकलकर बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक नाम कमाने वाले अविभाजित जांजगीर-चाम्पा जिले के जैजैपुर (सक्ति) तहसील के गांव तुषार के युवा अभिषेक साहू की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। जो महज 27 साल की उम्र में एनिमेशन मूवीज की दुनिया में अपनी पहचान बना चुके हैं।

एनिमेशन ऑर्टिस्ट के रूप में अभिषेक करीब पांच सालों से इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं और एनिमेशन मूवी मोटू-पतलू, छोटा भीम बनाने वाली एनिमेशन टीम का हिस्सा रह चुके हैं। अब उनका काम हॉलीवुड की 20 दिसंबर को रिलीज होने वाली अपकमिंग एनिमेशन मूवी मुफासा: द लॉयन किंग में देखने को मिलेगा।
जिसे हॉलीवुड की टॉप एनिमेशन मूवी बनाने वाली वॉल्ट डिजनी ने तैयार किया है। मुख्य किरदारों को शाहरूख खान और उनके बेटे आर्यन खान ने अपनी आवाज दी है। इस फिल्म में अभिषेक ग्रुमिंग आर्टिस्ट टीम का हिस्सा रहे हैं। एमपीसी टेक्नीकलर बेंगलूरु ने इस मूवी में काम करने डेढ़ साल का करार था और 4.6 लाख रुपए का पैकेज मिला।
बचपन में अभिषेक के पिता का देहांत हो गया था। मम्मी, दीदी, मामा-मामी का पूरा सपोर्ट मिला, जैजैपुर में ही दसवीं तक पढ़ाई की। एमिनेशन, कम्प्यटूर ग्राफिक्स फील्ड में शुरू से रूचि रही तो इंदौर में जाकर एनिमेशन इंस्टीट्यूट से 4 साल डिप्लोमा इन एएआईपी की पढ़ाई की। फिर बेंगलूरु की एमपीसी टेक्नीकलर कंपनी में काम शुरू किया। 2021 में मुंबई में भी जाकर काम किया।
अभिषेक ने बताया कि इस फील्ड में शानदार कॅरियर है। यहां ज्यादा पढ़ाई मायने नहीं रखता बल्कि हुनर मायने रहता है। आठवीं-दसवीं पढऩे वाले यहां साल में 40 से 50 लाख रुपए कमा रहे हैं।
मूवी के एनिमेशन पात्र जिन्हें हमें पर्दे में देखते हैं, उन्हें चलाना-फिराना, दौड़ाना, उनके बालों को हवा में उडऩा, झरना बहना आदि चीजों को जीवंत दिखाना ही ग्रुमिंग आर्टिस्ट के द्वारा किया जाता है।

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