राजा गंगाधर राव के वंशज शशांक नेवालकर ने बताया कि गुड़ी पड़वा के दिन नीम का पत्ता खाने की परंपरा की शुरुआत लोकमान्य तिलक के द्वारा की गई थी. इसका उद्देश्य यह था कि नीम की कड़वाहट से शरीर के सभी रोग दूर हो जाएंगे. नीम पूरे शरीर को निरोगी रखता है. इससे साल भर शरीर स्वस्थ्य रहता है