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GST reform 2025

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी (Goods and Services Tax) को लेकर एक बड़ा ऐलान किया। पीएम मोदी ने लाल किले से कहा कि दिवाली तक “नेक्स्ट जेनरेशन GST रिफॉर्म” लाया जाएगा, जिससे टैक्स दरें कम होंगी और इसका सीधा फायदा आम जनता को मिलेगा। इसी बीच, वित्त मंत्रालय ने भी GST काउंसिल को एक प्रस्ताव सौंपा है, जिसमें स्ट्रक्चरल बदलाव, टैक्स स्लैब्स को सरल बनाने और जीएसटी को और ज्यादा पारदर्शी बनाने की बात कही गई है।

2017 से अब तक GST का सफर

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2017 में लागू हुआ GST भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा बदलाव था। अब सरकार इसे और सरल और व्यवहारिक बनाने की दिशा में कदम उठा रही है। मंत्रियों का समूह (GoM) इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है और दिवाली तक इसे लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।

पहला बदलाव – स्ट्रक्चरल रिफॉर्म

सरकार टैक्स क्रेडिट सिस्टम को सरल करना चाहती है। इनपुट और आउटपुट टैक्स रेट्स के बीच का अंतर खत्म किया जाएगा, ताकि घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिले। इसके अलावा, वर्गीकरण संबंधी विवादों को भी कम किया जाएगा और टैक्स रेट्स को दीर्घकालिक रूप से स्थिर बनाने पर ध्यान होगा।

दूसरा बदलाव – सिर्फ दो टैक्स स्लैब

अभी GST में पाँच टैक्स स्लैब (0%, 5%, 12%, 18% और 28%) लागू हैं, लेकिन नए रिफॉर्म में सिर्फ दो स्लैब रखने का प्रस्ताव है – “स्टैंडर्ड” और “योग्यता आधारित”। इससे सिस्टम आसान होगा और उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। जरूरी और महत्वाकांक्षी वस्तुओं पर टैक्स कम होने से छात्रों, किसानों और मिडिल क्लास को सस्ते दामों पर सामान मिल सकेगा।

तीसरा बदलाव – छोटे व्यवसाय और डिजिटल सिस्टम को बढ़ावा

नए GST सिस्टम के तहत छोटे कारोबारियों को राहत देने पर जोर होगा। इसमें एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा ताकि मैन्युअल एरर कम हों। साथ ही, पहले से भरे हुए GST रिटर्न और तेज रिफंड सिस्टम लागू होगा, जिससे MSMEs और स्टार्टअप्स को फायदा होगा।

और क्या-क्या बदल सकता है?

सितंबर में होने वाली अगली GST काउंसिल की बैठक में 12% स्लैब हटाने पर विचार हो सकता है। इसके अलावा, स्वास्थ्य और जीवन बीमा सेवाओं को टैक्स स्लैब से बाहर करने और आवश्यक वस्तुओं पर दरों में फेरबदल की भी संभावना है।

केंद्र और राज्यों का सहयोग

वित्त मंत्रालय ने साफ किया है कि केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर काम करेगी ताकि GST रिफॉर्म्स तेजी से लागू किए जा सकें। काउंसिल की अगली बैठक में मंत्रिसमूह की सिफारिशों पर विचार किया जाएगा और दिवाली तक “नेक्स्ट जेनरेशन GST” हकीकत बन सकता है।

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