भारत की अर्थव्यवस्था की नींव हमारे किसान हैं। अगर किसान मजबूत होंगे, तो देश की नींव खुद-ब-खुद और मजबूत होगी। इसी सोच के साथ केंद्र सरकार ने बीते कुछ वर्षों में किसानों की भलाई के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। ये योजनाएं सिर्फ खेती के खर्च को कम नहीं करतीं, बल्कि सीधे आर्थिक मदद भी देती हैं। हालांकि, आज भी देश के लाखों किसान ऐसे हैं जिन्हें इन योजनाओं के बारे में जानकारी ही नहीं है।
अगर आप खेती करते हैं या आपके परिवार में कोई किसान है, तो यह जानकारी आपके जीवन को बदल सकती है। आइए जानते हैं उन टॉप सरकारी योजनाओं के बारे में, जो खेती को घाटे का नहीं, फायदे का सौदा बना सकती हैं।
1. प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना – नुकसान में चल रही खेती को मिलेगा नया जीवन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में लॉन्च की गई यह नई योजना खास तौर पर उन जिलों को ध्यान में रखकर बनाई गई है, जहां खेती अब तक घाटे का सौदा रही है। ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ साल 2025-26 से लागू होगी और अगले छह वर्षों तक चलेगी। इस योजना का उद्देश्य सिर्फ खेती की लागत को कम करना नहीं है, बल्कि किसानों की आमदनी में इजाफा करना भी है। इसमें सिंचाई, भंडारण, बीज और खाद जैसी मूलभूत जरूरतों पर फोकस किया जाएगा। शुरुआत में देश के 100 पिछड़े जिलों को शामिल किया गया है, और सरकार हर साल ₹24,000 करोड़ रुपये इस योजना पर खर्च करेगी। इससे करीब 1.7 करोड़ किसानों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।
2. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि – सीधी मदद सीधे खाते में
देश की सबसे लोकप्रिय योजना ‘पीएम किसान सम्मान निधि’ ने लाखों किसानों की जिंदगी को सीधा आर्थिक सहारा दिया है। इसके तहत पात्र किसानों को हर साल ₹6,000 रुपये की मदद दी जाती है, जिसे तीन किस्तों में सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाता है। अब तक इस योजना के अंतर्गत 19 किस्तें दी जा चुकी हैं, और 20वीं किस्त का इंतजार है। पिछली किस्त 24 फरवरी 2025 को दी गई थी, और संभावना है कि प्रधानमंत्री मोदी 18 जुलाई को बिहार के मोतिहारी में अपने दौरे के दौरान अगली किस्त जारी करेंगे। अगर आपने अब तक इस योजना में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, तो PM-KISAN पोर्टल पर जाकर निःशुल्क आवेदन कर सकते हैं। यह योजना न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाती है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर भी बनाती है।
3. किसान क्रेडिट कार्ड – खेती के लिए तुरंत और सस्ता लोन
खेती के लिए अचानक पैसों की जरूरत पड़ जाए, तो किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) एक बड़ा सहारा बन सकता है। इसके जरिए किसान कम ब्याज पर आसानी से लोन ले सकते हैं। यह लोन खेती, पशुपालन, बागवानी जैसी गतिविधियों के लिए होता है और सरकार ब्याज पर सब्सिडी भी देती है अब तो इस योजना को पीएम किसान स्कीम से जोड़ दिया गया है, जिससे आवेदन की प्रक्रिया और आसान हो गई है। अगर आपका नाम पीएम किसान में दर्ज है, तो KCC के लिए आवेदन करना काफी सहज हो गया है। आप नजदीकी बैंक शाखा या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के जरिए इस योजना का लाभ ले सकते हैं।
4. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना – फसल का नुकसान अब जेब से नहीं
मौसम की मार या कीटों का हमला, दोनों ही स्थितियों में फसल को भारी नुकसान हो सकता है। ऐसे में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम करती है। बहुत ही कम प्रीमियम पर किसान अपनी फसल का बीमा करवा सकते हैं। यदि फसल खराब होती है, तो सरकार की ओर से बीमा की रकम सीधे किसानों के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। इससे न सिर्फ आर्थिक नुकसान की भरपाई होती है, बल्कि किसानों को दोबारा खेती के लिए हिम्मत भी मिलती है।
5. पीएम कृषि सिंचाई योजना – हर खेत तक पानी
देश के कई हिस्सों में सिंचाई की उचित व्यवस्था न होने के कारण किसान साल भर खेती नहीं कर पाते। इस समस्या के समाधान के लिए ‘प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना’ चलाई जा रही है, जिसका मकसद है – हर खेत को पानी। इस योजना के तहत सरकार ड्रिप इरिगेशन और स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक सिंचाई तकनीकों को अपनाने के लिए सब्सिडी देती है। इसका मतलब है कि आधा खर्च सरकार उठाती है, जिससे कम पानी में भी बेहतर फसल ली जा सकती है।