देवघर हस्तशिल्प मेले में स्टॉल लगाने वाले सूरज कुमार ने न्यूज़ 18 लोकल को बताया कि इस दवाई को बनाने में आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी का इस्तेमाल किया जाता है. इसे बिहार के कई जिलों के जंगलों से तोड़ कर लाया जाता है. यह दवा शतावरी, अश्वगंधा, अशोक, ब्राह्मी और हल्दी, शुद्ध गुग्गुल सहित अन्य प्राकृतिक चीजें मिलाकर बनाई जाती है